मुख्यमंत्री हरीश रावत शुक्रवार को केदारधाम पहुंचकर व्यवस्था और पुनर्निर्माण का जायजा लेंगे। जून 2013 की आपदा के बाद एक बार पहले भी रावत केदार की ओर रुख कर चुकें हैं।
फर्क इतना है कि रावत उस समय पैदल केदारधाम गए थे और इस बार संभावना है कि उनकी यात्रा हैलीकॉप्टर के जरिए होगी।
केदारपुरी बसाए जाने पर करेंगे बैठक
मुख्यमंत्री ने कुछ दिन पहले ही केदारनाथ की यात्रा करने का फैसला किया था। उस समय बताया गया था कि मुख्यमंत्री केदारनाथ पहुंचकर केदार यात्रा की व्यवस्था का जायजा लेंगे और अधिकारियों के साथ बैठक कर नई केदारपुरी को बसाए जाने पर बातचीत करेंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक यह कार्यक्रम अभी यथावत है। मुख्यमंत्री सुबह नौ बजे केदारनाथ के लिए रवाना होंगे और केदारनाथ से लौटकर चार बजे गुप्तकाशी में आपदा प्रभावितों से बातचीत करेंगे। बैठक को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
तब की थी पैदल यात्रा
रावत का यह केदारनाथ दौरा ठीक मानसून से पहले का दौरा है। दूसरी ओर, इससे पहले भी रावत केदारनाथ गए थे। उस समय रावत केंद्रीय जल संसाधन मंत्री थे और उन्होंने पैदल ही यह यात्रा की थी।
रावत ने उस समय अधिकारियों को केदार पैदल मार्ग का अलाइनमेंट सही करने और आपदा पीड़ितों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया था।
26 मई को की थी जाने की घोषणा
19 मई को की गई समीक्षा बैठक में रावत ने केदार पैदल मार्ग पर हर 500 मीटर के अंतर पर बरसात से बचाव के लिए शेल्टर बनाने, प्री फेब्रीकेटिड हट बनाने और इनकेबीच में कियोस्क बनाने का निर्देश दिया था।
26 मई को जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस में रावत ने कहा था कि वे 30 मई को केदार का दौरा करेंगे। हालांकि केदारपुरी के निर्माण का सवाल अभी पूरी तरह से सुलझ नहीं पाया है।