उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन के वित्त निदेशक अनिल मित्तल कई वित्तीय अनियमितताओं में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री शांति प्रसाद भट्ट के आरोपों पर हुई निगम एमडी की जांच रिपोर्ट तैयार की है।
शांति प्रसाद भट्ट ने सरकार पर आरोप लगाया है कि घोटालों में संलिप्त वित्त निदेशक मित्तल को बचाया जा रहा है। सूचना के अधिकारी में जांच रिपोर्ट सहित शासन और सरकार का पत्रचार हासिल करने के बाद भट्ट ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में सारे तथ्य उजागर किये।
50 करोड़ से अधिक के घोटालों का आरोप
वित्त निदेशक अनिल मित्तल पर भट्ट ने 50 करोड़ से अधिक के घोटालों का आरोप लगाया है। भट्ट ने जो दस्तावेज प्रस्तुत किये उसमें 15 मई 2014 को एमडी उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड एसएस यादव की जांच रिपोर्ट में 6 बिंदुओं पर जांच हुई है।
कुंभ मेले में फर्जी टेंडर घोटाले में लगभग करोड़ों के टेंडर जारी करने में मित्तल को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। बजट प्रावधान न होने के बावजूद मित्तल ने धन अवमुक्त किया।
स्पॉट बिलिंग घोटाला के आरोप में मित्तल पर दोष साबित नहीं हुआ जबकि मामले की अग्रिम जांच संस्तुति की गई।
पत्नी के नाम से बनाई फर्म
आय से अधिक संपत्ति को छिपाने के मामले में मित्तल को पत्नी के नाम से फर्म बनाने तथा चल अचल संपत्ति के क्रय विक्रय की विभागीय अनुमति नहीं ली गई। इसके लिए मित्तल सरकारी सेवक आचरण नियमावली 56 के नियम 15 एवं 24 के प्रावधानों का उल्लंघन करने का दोषी पाए गए हैं।
रिपोर्ट में एमडी ने इस प्रकरण को राज्य सतर्कता इकाई को सौंप देने का हवाला दिया है।
बर्खास्तगी की मांग
रिपोर्ट में मित्तल की खिलाफ शिकायतों का निस्तारण तथा अनुशासनिक कार्यवाही पूर्ण होने तक निदेशक वित्त के प्रभार से अवमुक्त की संस्तुति की गई है।
भट्ट ने कहा कि तथ्य होने के बावजूद निगम और सरकार निदेशक मित्तल को बचा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी को तुरंत बर्खास्त करना चाहिए।
सरकार दे रही संरक्षण
भट्ट 2012 से इन प्रकरणों की जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही के लिए शासन और निगम से पत्राचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर फाइलों को यहां से वहां किया जा रहा है, जिससे उन्हें लगता है कि भ्रष्ट अधिकारियों को सरकार का संरक्षण है।