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Harish Rawat Tweet: पूर्व सीएम ने अलकनंदा और चारधाम यात्रा का मुद्दा उठाया, महाराज के वार्म सिटी के बयान पर ली चुटकी

Sat, 28 May 2022 04:57 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि यह राज्य की एक सुनहरी संपत्ति थी, जिसका उत्तरप्रदेश ने भरपूर शोषण किया। अब जब अलकनंदा उत्तराखंड को देने की बात आई तो उसकी एवज में होटल के सामने प्राइम लैंड उत्तरप्रदेश को एक भव्य होटल बनाने के लिए दे दी गई। अब अलकनंदा को किसी प्राइवेट कंपनी को दिए जाने की बात हो रही है।
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हरीश रावत और सतपाल महाराज - फोटो : file photo
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विस्तार
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कुछ दिन चंपावत उपचुनाव में व्यस्त रहने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एक बार फिर राज्य के मुद्दों को लेकर मुखर हो गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया में दो ट्वीट कर हरिद्वार में अलकनंदा होटल और चारधाम यात्रा में अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठाया है।

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हरिद्वार में अलकनंदा होटल का मुद्दा उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि यह राज्य की एक सुनहरी संपत्ति थी, जिसका उत्तरप्रदेश ने भरपूर शोषण किया। अब जब अलकनंदा उत्तराखंड को देने की बात आई तो उसकी एवज में होटल के सामने प्राइम लैंड उत्तरप्रदेश को एक भव्य होटल बनाने के लिए दे दी गई। अब अलकनंदा को किसी प्राइवेट कंपनी को दिए जाने की बात हो रही है। हरीश ने इशारा किया है कि सरकार ऐसा करके किसी खास व्यक्ति को लाभ पहुंचाना चाहती है। 

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के उस बयान पर चुटकी ली है, जिसमें उन्होंने केदारनाथ को वार्म सिटी बनाए जाने की बात कही थी। हरीश ने कहा कि चारधाम यात्रा में लगातार मौतें हो रही हैं। दूसरी तरफ यह समाचार हम सबको मुंह चिड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा हमारी सभ्यता और धरोहर की तरह है। यदि इसी तरीके से मौतें होती रहीं तो देशभर में क्या संदेश जाएगा, इस पर विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान तीन साल यात्रा चली, लेकिन किसी तीर्थयात्री की मौत नहीं हुई।
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दूसरे जमीन घोटाले भी आएंगे सामने 

यूपी में चिटहेरा जमीन घोटाले पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि इस मामले में वहां के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बहुत बड़ी परीक्षा है। उन्हें इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। जिन लोगों ने दंड के लायक काम किया है, उन्हें अवश्य दंड मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों के परिजनों के इसमें संलिप्त होने की बात सामने आ रही है, वह तो बहुत छोटे प्रलोभन में आ गए होंगे। यह बहुत बड़ा खेल है, जिसमें उस समय के दूसरे जमीन घोटाले भी जुड़े हैं। उनका सामने आना भी जरूरी है।

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