सीबीआई की प्राथमिक जांच रिपोर्ट न्यायालय में पेश कर हरीश रावत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगी गई। दूसरी ओर, हरक सिंह रावत ने कैबिनेट के उस 15 मई के आदेश को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसमें कैबिनेट ने सीबीआई से जांच हटाकर एसआईटी को जांच के आदेश दे दिए थे।
इस बैठक में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत की गैरमौजूदगी में कैबिनेट के अन्य सदस्यों द्वारा निर्णय लिया गया था। सीबीआई ने अपनी एफआईआर में हरीश रावत, हरक सिंह रावत व समाचार प्लस के सीईओ उमेश शर्मा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई है।