उत्तराखंड सरकार द्वारा गन्ने के नए मूल्य को लेकर चारों ओर हो रहे विरोध और शोर के बीच मुख्यमंत्री इस मामले में दोबारा विचार करने के मूड में नहीं है।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि प्रदेश सरकार ने गन्ने का जो मूल्य घोषित किया है वह काफी सोच समझकर घोषित किया है ताकि प्रदेश में उत्तर प्रदेश जैसे हालात पैदा न हो। जहां गन्ना किसानों का करोड़ों रुपये बकाया पड़ा है और भुगतान नहीं हो रहा है।
गन्ना मूल्य पर अडिग
ग्राम लाठरदेवा शेख में आयोजित सद्भावना सम्मेलन में भाग लेने आए मुख्यमंत्री हरीश रावत से जब पत्रकारों ने गन्ने के दाम को लेकर किसानों के भड़के आक्रोश के बारे में पूछा तो उनका कहना था कि सरकार ने सही निर्णय लिया है। जो दाम घोषित किया गया है वह मुनासिब है और बहुत सोच समझकर लिया गया है।
यूपी में नहीं होता भुगतान
सरकार ऐसा कोई निर्णय नहीं लेना चाहती जिससे किसानों की परेशानी और ज्यादा बढ़े तथा उत्तराखंड में भी उत्तर प्रदेश जैसे हालात बन जाए। जहां किसानों को उनके गन्ने का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में गन्ना भुगतान की स्थिति को बेहतर बताया और कहा कि सरकार अधिकतर भुगतान करा चुकी हैं।