उत्तराखंड में चुनाव से ठीक पहले सीबीआई की सक्रियता से कांग्रेस के चुनाव प्रचार में व्यवधान का प्रयास किया जा रहा है।
कुछ अति प्रभावशाली लोग फिर से दबाव पैदा कर यह सब करवा रहे हैं। यही वजह है कि लंबे समय बाद आश्चर्यजनक तरीके से सीबीआई सक्रिय हो गई है, हम इसका मुकाबला करेंगे। यह कहना है मुख्यमंत्री हरीश रावत का। मुख्यमंत्री ने यह बात यहां पुलिस लाईन में मीडिया से वार्ता में कही, लेकिन वह आज सीबीआई के सामने पेश होंगे या नहीं इस पर उन्होंने पत्ते नहीं खोले।
मुख्यमंत्री ने पुलिस लाईन में मीडिया से वार्ता में कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया जिसमें खरीद फरोख्त की बात आए। वह तो पहले ही उन विधायकों की सदस्यता निरस्त करने का प्रार्थना पत्र दे चुके थे, यदि वह उन विधायकों को वापस लाने का प्रयास करते तो उनकी याचिका निरस्त हो जाती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टिंग पर सीबीआई को यह भी जांच करनी चाहिए कि स्टिंग करने वाले ने यह बात कही है कि कांग्रेस सरकार गिराने के लिए षडयंत्र हुआ है और इसमें भाजपा के लोग भी शामिल हैं। वही दो साल तक सीएम आवास में एक दलाल बैठता था जो मुख्यमंत्री की ओर से दलाली करता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि वे स्टिंगकर्ता के साथ विधायकों की खरीफ फरोख्त की इच्छा जाहिर करते तो स्टिंग कर्ता ने खुद पैसा आफर करने की बात कही है। मैने तो सिर्फ यह कहा कि मुझे गफलत में मत डालो जो करो अपने से करो। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातचीत के आधार पर यदि सरकारें गिनाई गई तो देश में कोई नहीं बचेगा। कहा कि वह मुख्यमंत्री हैं और सीबीआई पूछताछ किस स्थान पर हो इसका उन्हें विकल्प दिया जाना चाहिए।
सीएम ने ऑल वैदर रोड शब्द पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इससे देश भर से यहां आने वाले पर्यटकों में गलत संदेश जाएगा। पिछले डेढ़ साल से चार धाम की सड़कों के सुधार का काम चल रहा है। सिरोबगड में बाईपास और ब्रिज बनाने, यमुनोत्री मार्ग विकासनगर से बड़कोट होते हुए जोड़ने को लेकर केंद्र से बात हुई है।
कोई एक हल्की बात की है तो
सीएम ने कहा कि उन्होंने स्टिंग प्रकरण में कोई एक हल्की बात की है तो उत्तराखंड की जनता उन्हें जो दंड देना चाहे दे सकती है, लेकिन मैने विधायक खरीदने की पेशकश नहीं की। सीएम ने कहा कि उन्होंने कोर्ट में याचिका दाखिल की है कि मामला सीबीआई क्षेत्राधिकार का नहीं बनता।