मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सतपाल महाराज के खिलाफ कुछ तीखा कहने से परहेज किया। हालांकि महाराज के सामरिक विषयों पर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि हम देश की सुरक्षा को लेकर उतने ही गंभीर और चिंतित हैं जितने हमारे दोस्त हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा में जाने के बाद मेरे दोस्त को भी छूत की बीमारी लग गई है। उन्हें देश की विदेश और रक्षा नीति को चुनाव से नहीं जोड़ना चाहिए। देश की सीमाएं पहले से ज्यादा सुरक्षित हैं।
वहीं, सतपाल महाराज के भाई भोला महाराज से नजदीकियों और उन्हें कांग्रेस में शामिल कराने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनके साथ किसी भी स्तर पर कभी संपर्क नहीं हुआ है।