त्रिवेंद्र सिंह रावत की इस बात से पूर्व मुख्यमंत्री बेहद नाराज है। वह इंदिरा गांधी की प्रतिमा के नीचे उपवास पर बैठेंगे। पढ़िए पूरी खबर...
Harish Rawat and trivendra singh rawat
बुधवार को रुद्रपुर के एक होटल में हुई वार्ता में पूर्व सीएम रावत ने कहा जिले के व्यापारियों को अतिक्रमण हटाने के नाम पर उजाड़ा जा रहा है। इस दौरान उन्होंने सीएम त्रिवेंद्र रावत पर अपना गुस्सा जाहिर किया। आगे पढ़िए क्या कहा...
harish rawat
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सत्ता के दबाव में कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न हो रहा है। केवल आरोप-प्रत्यारोप में ही कार्यकर्ताओं पर आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
बीजेपी कांग्रेस
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गदरपुर में अतिक्रमण के नाम पर हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई और किच्छा में कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे को लेकर प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जब गदरपुर में बाइपास मंजूर था तो प्रशासन को इतनी तोड़फोड़ की जरूरत नहीं थी। जिन व्यापारियों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें मुआवजा दिया जाना चाहिए।
मुकदमा
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किच्छा में पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए हैं। उन्होंने दोनों ही मामलों के खिलाफ चार जनवरी को रुद्रपुर के इंदिरा गांधी चौक पर उपवास पर बैठने की घोषणा की है।
पीएम मोदी और सीएम रावत
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चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा अगर आरोप-प्रत्यारोप में ही मुकदमे दर्ज होने हैं तो फिर पीएम मोदी के खिलाफ सबसे अधिक मुकदमे दर्ज होने चाहिए।
CM trivendra singh rawat
यही नहीं उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत पर भी मुकदमे दर्ज होने चाहिए, क्योंकि त्रिवेंद्र हर मामले में उनका नाम जरूर घसीटते हैं।सितारगंज चीनी मिल को बंद करने का फैसला भी गलत है। कहा कि इन मामलों को लेकर वह इंदिरा गांधी की प्रतिमा के नीचे उपवास पर बैठेंगे।