पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि बागी विधायक गर्म आलू की तरह हैं। कभी किसी की जेब में कभी हाथ में और जिस तरह से गर्म आलू को नहीं खाया जा सकता, उसी तरह से इन विधायकों को भी कोई पनाह नहीं दे सकता।
सोमवार को जयराम आश्रम में पहुंचने पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि बागियों को कभी कोई अपना घर नहीं देता। पता नहीं कब वह किसका भेद खोलकर क्या कर डालें। भाजपा की तरफ से किए जा रहे प्रदर्शनों पर उन्होंने कहा कि घड़ियाली आंसू बहाने वालों को सब जानते हैं।
अर्द्घकुंभ में उम्मीद के मुताबिक कम श्रद्धालुओं के आने पर उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश में सरकार थी तो अपेक्षा के सापेक्ष जनता आ रही थी, लेकिन जब सरकार चली गई तो जनता में गलत संदेश गया। उन्होंने चारधाम यात्रा पर कहा कि उनके शासनकाल में पर्याप्त संसाधन जुटाए गए हैं। सभी व्यवस्थाएं उनकी ओर से कर दी गई थीं, यदि प्रशासन ने उन्हें ठीक से संचालित किया तो एक करोड़ लोग चारधाम यात्रा करने के लिए आएंगे।