उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत चाहते हैं कि देश की अन्य धार्मिक यात्राओं की तरह ही उत्तराखंड के चार धाम भी पूरे साल के लिए खुले रहें।
उनका कहना है कि शीतकाल में बदरीनाथ का जोशीमठ, केदारनाथ का ऊखीमठ, गंगोत्री का मुखबा और यमुनोत्री का खनसाली में वास होता है।
ऐसे में हम चारधाम यात्रा को इन स्थानों तक खोलें तो अधिक से अधिक श्रद्घालु और पर्यटक इन स्थानों तक आएंगे। हालांकि उनका कहना है कि सभी पक्षकारों से बातचीत के बाद ही इस पर अंतिम फैसला हो सकेगा।
लाभान्वित होती है 34 फीसदी आबादी
मुख्यमंत्री का कहना है कि इसके लिए रायशुमारी की जा रही है। धार्मिक गुरुओं के बीच भी वह इस प्रस्ताव को लेकर जा रहे हैं। साथ ही स्थानीय लोगों की राय भी खासा महत्व रखती है।
उन्होंने पूरे साल चारधाम की यात्रा जारी रखने के पीछे अपनी मंशा जाहिर कर बताया कि सरकार कुछ महीनों की यात्रा पर भारी संसाधन खर्च करती है।
जबकि चारधाम यात्रा से प्रदेश की 34 फीसदी आबादी सीधे तौर पर लाभान्वित होती है। ऐसे बर्फ पड़ने के बाद जब कपाट बंद हो जाते हैं और भगवान नीचे अन्य स्थानों पर विराजमान होते हैं तो यात्रा को उन स्थानों तक जारी रखा जा सकता है।
ऐसा हो जाने के बाद हम हर साल चारधाम यात्रा पर जो खर्च करते हैं उसका लाभ मिल सकेगा। साथ पूरे साल यात्रा चलने और यात्रियों केआने से पूरे साल सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। जिसका लाभ स्थानीय स्तर पर भी मिलेगा।