प्रदेश सरकार को छह महीने की मोहलत देने का एलान कर चुकी कांग्रेस शराब के मुद्दे पर घिरी सरकार पर हमलावर होने की तैयारी में है। पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए शराब के मुद्दे पर सड़क से कोर्ट तक जंग लड़ने का मन बनाया है।
स्टेट हाईवे को डीनोटिफाई करने के सरकार के फैसले को कोर्ट में चुनौती देने पर शिद्दत विचार चल रहा है। जागेश्वर में हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में इस मुद्दे पर मंथन हुआ और अब कानून के जानकारों से राय लेने के बाद कांग्रेस मैदान में उतरेगी।
बता दें कि पूर्ववर्ती सरकार को घेरने के लिए भाजपा खनन और शराब के मुद्दे पर खूब हमलावर रही। दोनों मुद्दों पर उसने सड़क से सदन तक जमकर विरोध किया। अब सत्तारूढ़ होने के बाद भाजपा खुद इन दोनों मुद्दों के निशाने पर है।
दोनों के लिए उसे अदालतों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। तीन जिलों में शराबबंदी पर लगी रोक के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट से स्टे लेने के बाद सरकार ने राहत की सांस जरूर ली। प्रदेश के 63 स्टेट हाईवे को नगरीय क्षेत्रों में डीनोटिफाई करके उसने शराब कारोबार को बचाने की तरकीब जरूर निकाली है, मगर प्रदेश भर में जगह-जगह शराब की दुकानों के हो रहे विरोध ने उसका सिरदर्द बढ़ा दिया है।