गैरसैंण में सत्र न कराने के विरोध में गुरुवार को उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने विधानसभा के पास एक घंटे तक सांकेतिक धरना दिया। अब हरीश रावत शुक्रवार को हरिद्वार में गंगा किनारे तप करेंगे।
गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित ना किए जाने के फ़ैसले के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत मुखर हो गए हैं। उन्होंने कहा है कि वे इस फ़ैसले के विरोध में शुक्रवार को हरिद्वार में एक घंटे तक तप करेंगे। विस सत्र के पहले दिन हरीश रावत ने विधानसभा के पास एक घंटे तक सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान उन्होंने त्रिवेंद्र सरकार पर खूब निशाने साधे।
विधानसभा में पत्रकारों से बात करते हुए रावत ने एनएच-74 घोटाले पर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को इस सवाल का जवाब देना चाहिए कि वह जांच में हीलाहवाली क्यों कर रही है। रावत ने अपने कार्यालय की घोषणाओं को निरस्त करने के फैसले पर नाराजगी जताई। इन्होंने इस मुद्दे पर सरकार को बहस की चुनौती दी।
बजट सत्र काफी महत्वपूर्ण है। पिछली सरकार ने गैरसैंण विधानसभा में बजट सत्र कराने का संकल्प लिया था। पिछली सरकार ने गैरसैंण में सभी मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराया है। प्रदेश सरकार ने गैरसैंण में बजट सत्र न कराकर विधानसभा का अपमान किया है। इसके विरोध में मैं शुक्रवार को हरिद्वार में तप करूंगा
- हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड