हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर उत्तराखंड को कम बजट देने का आरोप लगाया है।
गुरुवार को हाईकोर्ट नैनीताल के फैसला आने के बाद हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड के शरीर पर जो घाव लगे थे हाईकोर्ट के फैसले ने उन पर मरहम लगाने का काम किया है।
बागी विधायकों के बारे में पूछने पर हरीश रावत कुछ नहीं बोले। उन्होंने कहा कि सरकार को अस्थित करने की कोशिश की गई। इसके साथ ही उन्होंने साथ देने के लिए उत्तराखंड की जनता को धन्यवाद कहा।
उन्होंने इस फैसले को जनभावना की जीत बताया। हरीश रावत ने कहा कि एक लोकप्रिय और जनप्रिय बजट देने के बाद उस बजट को रद्दी की टोकरी में डालने का आदेश दिया गया। मार्च और अप्रैल के महीने किसी भी राज्य के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन इस राजनीतिक संकट की वजह से पूरे वर्ष की प्लानिंग नहीं बन पाई। हरीश रावत ने कहा कि मैं रास्ते का पत्थर हूं और मुझ में बहुत धैर्य है।
उन्होंने कहा कि अप्रैल के महीने में पूरे साल की प्लानिंग की जाती है। इस राजनीतिक दांव पेंच की वजह से उत्तराखंड की जनता को गहरे घाव दिए गए हैं। जो कुछ हुआ उसको भूलकर हम आगे बढ़कर काम करने के लिए तैयार है।