भाजपा के पूर्व विधायक भीमलाल आर्य से किसी तरह का वादा करने की बात से मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इनकार किया है। सीएम ने कहा कि फ्लोर टेस्ट के दौरान उन्होंने कांग्रेस को सहयोग किया। इसके बदले वे घनसाली को ओबीसी क्षेत्र घोषित करने का दबाव बना रहे थे। उनके क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं रखी गई।
गुरुवार को बीजापुर हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए सीएम ने कहा कि विधायक अपने क्षेत्र के विकास के लिए चिंतित हों, यह तो अच्छी बात है। भीमलाल के संबंध में पूछने पर उन्होंने कहा कि भीमलाल की भूख ज्यादा बढ़ गई थी। हर रोज नया प्रस्ताव सामने प्रस्तुत किया जाता था।
उनके क्षेत्र के विकास की बात है तो मैंने कभी कोई कसर नहीं छोड़ी। तमाम योजनाएं आज भी स्वीकृत की हैं। घनसाली को ओबीसी क्षेत्र घोषित करने की मांग पूरी न होने पर उन्होंने अनर्गल बयानबाजी शुरू कर दी। उनके साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी नहीं की गई है।
उधर, गुरुवार को भीमलाल आर्य ने सीएम पर आरोप लगाए कि उन्होंने बेटा-बेटा कहकर उनका भरपूर इस्तेमाल किया। सियासी संकटकाल के दौरान हरीश रावत मुझे पलकों पर बिठाए घूमते थे। 55 दिन तक अपने साथ रखा और आज उनका अंदाज ही बदल चुका है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में कोई विकास नहीं हुआ है। मैंने घनसाली को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने और स्कूल-सड़कों की मांग की तो क्या गलत किया। शनिवार से मुख्यमंत्री आवास पर परिवार के साथ धरना दूंगा और हरीश रावत की कलई खोलूंगा।
‘भीमलाल के बयान से सीएम के दावों की खुली पोल’
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल ने कहा है कि भीमलाल आर्य और प्रोफेसर जीतराम के ताजा बयानों से पार्टी द्वारा सीएम पर लगाए जा रहे आरोपों की पुष्टि हुई है। इन दोनों के बयान से मुख्यमंत्री के दलित प्रेम और कुमाऊं क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ के दावों की पोल खुल गई है। कुमाऊं क्षेत्र के नेता ही मुख्यमंत्री के विकास के ढोल की पोल खोल रहे हैं।
गोयल ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा है कि भीमलाल आर्य और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के साथ मुख्यमंत्री द्वारा किए गए व्यवहार का मतलब निकला जाए तो यह ‘यूज एंड थ्रो’ है। मुख्यमंत्री मतलब निकल गया तो पहचानते नहीं की नीति पर चल रहे हैं। धीरे-धीरे सबको उनकी असलियत का पता चल रही है।
यशपाल आर्य की नाराजगी की खबरें और फिर उनकी सफाई भी रोज नए सवाल खड़े कर रही है। कांग्रेस संगठन और सरकार की तनातनी नित नए गुल खिला रही है। गोयल ने कहा कि प्रदेश आज अपने सबसे खराब राजनीतिक एवं विकास के दौर से गुजर रहा है। हर ओर प्रशासनिक अव्यवस्थाओं का बोल बाला है। चिकित्सा सुविधाएं और कानून व्यवस्था रामभरोसे हैं।