कांग्रेस का चुनाव पूरी तरह से मुख्यमंत्री हरीश रावत के इर्द-गिर्द ही घूम रहा है। टिकट काटे जाने से पार्टी में बगावत के सुर फूटे तो मुख्यमंत्री ने डैमेज कंट्रोल की कमान खुद अपने हाथों में ले ली।
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असंतोष को थामने की रणनीति को उन्होंने प्रचार से जोड़ दिया है। वह हेलीकॉप्टर से उन विधानसभाओं का दौरा कर रहे हैं जहां बागी सुर ज्यादा तेज हैं। आधा दर्जन विधानसभाओं में उनके जाने के बाद विरोध के सुर थमे हैं, लेकिन प्रदेश में अब भी कई सीटों पर कायम असंतोष उनके लिए चुनौती बना है।
असंतुष्ट पार्टी के किसी नेता की बात मानने को तैयार ही नहीं है। सीएम को हेलीकॉप्टर से उड़कर विधानसभाओं में जाकर असंतुष्टों को मनाना पड़ रहा है। जो उनके पहले से संपर्क में रहे हैं उन्हें बीजापुर में तलब किया जा रहा है। टिहरी विधानसभा सीट से किशोर उपाध्याय को उम्मीदवार बनाए जाने की मांग को लेकर धरना दे रहे असंतुष्टों को भी रावत मनाने में कामयाब रहे।
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सोमवार की देर रात कांग्रेस भवन पहुंचकर मुख्यमंत्री को उन्हें मनाना पड़ा। सीएम और पीसीसी चीफ के भरोसे के बाद उन्होंने रात को ही अपना धरना वापस ले लिया और सुबह टिहरी सीट से पार्टी ने किशोर समर्थक नरेन्द्र चंद्र रमोला को प्रत्याशी घोषित कर दिया। देहरादून कैंट सीट पर पहले दिन जरूर असंतोष फूटा मगर सीएम के सीधे दखल के बाद वहां शांति है।
कुमाऊं में डैमेज कंट्रोल की जिम्मेदारी स्थानीय नेताओं को
अल्मोड़ा में सीएम हरीश रावत
- फोटो : AmarUjala
ऋषिकेश विधानसभा सीट पर भी दावेदार खामोश हो गए हैं। थराली सीट पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान करने वाले भोपाल राम टम्टा भी शांत हैं। जिला पंचायत उपाध्यक्ष लखपत बुडोला के तेवरों में भी नरमी दिखी है। हरिद्वार में टिकट काटे जाने से नाराज सतपाल ब्रहमचारी ने भी चुनाव लड़ने का इरादा बदल दिया है। उन्हें मनाने के लिए सीएम और पीसीसी चीफ हेलीकॉप्टर से हरिद्वार पहुंचे थे।
रूड़की में भाजपा के बागी सुरेशचंद जैन को प्रत्याशी बनाए जाने से नाराज मनोहर लाल शर्मा को मना लिया गया है और नगर निगम के मेयर यशपाल राणा को मनाने के लिए सीएम उनसे लगातार संपर्क साध रहे थे। देर शाम वह उन्हें मनाने में कामयाब रहे।
राणा अब जैन के समर्थन में जाने को तैयार हैं। कुमाऊं की सीटों पर बने असंतोष को पार्टी बहुत गंभीर नहीं मान रही है, वहां डैमेज कंट्रोल की जिम्मेदारी स्थानीय नेताओं को दी गई है। रूद्रप्रयाग में टिकट काटे जाने से नाराज जिला अध्यक्ष प्रदीप थपलियाल को भी पार्टी मनाने में कामयाब हो गई है।
इन सीटों पर कायम है असंतोष
किशोर उपाध्याय (पगड़ी में)
- फोटो : AmarUjala
गढ़वाल की देवप्रयाग सीट पर पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण को मनाने की कोशिशें कामयाब नहीं हो पाई हैं। ज्वालापुर में टिकट काटे जाने से नाराज पूर्व प्रत्याशी बृजरानी के तेवर तल्ख हैं। पिछला चुनाव करीबी अंतर से हारी बृजरानी राहुल के फार्मूले के आधार पर टिकट की उम्मीद कर रही थी। सीएम की करीबी होने के बावजूद उनके समर्थक उन्हें निर्दलीय उतारने की रणनीति बना रहे हैं।
खानपुर में भी सीएम के करीबी चौधरी राजेन्द्र सिंह के समर्थकों की नाराजगी थम नहीं पाई है। लक्सर में अंतरिक्ष सैनी का टिकट काटे जाने से नाराज सैनियों की महापंचायत में उन्हें निर्दलीय प्रत्याशी उतारे जाने की तैयारी है। कुमाऊं में रामनगर सीट पर भी फूटा असंतोष पार्टी के लिए सिरदर्द बना है। सहसपुर के बाद अब रायपुर सीट पर भी असंतोष फूट पड़ा है।
मंगलवार को सियासी हवाओं में चर्चा तैरी कि रायपुर से किन्नर प्रत्याशी रजनी रावत का नाम तय कर दिया गया है तो क्षेत्र के कांग्रेसियों में असंतोष फूट पड़ा। वे कांग्रेस भवन में ठीक वहीं धरने पर बैठ गए जहां से टिहरी के असंतुष्टों को उठाया गया था। हालांकि देर शाम पार्टी इन सीट पर प्रभुलाल बहुगुणा को प्रत्याशी घोषित कर दिया।
दावेदारों की नाराजगी स्वाभाविक है, लेकिन पार्टी हाईकमान का फैसला सबको मानना चाहिए। मुख्यमंत्री और वह नाराजगी दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ जगह लोगों ने पार्टी हित में नाराजगी छोड़ी है। पार्टी में किसी को भी नाराज नहीं रहने दिया जाएगा।
- किशोर उपाध्याय, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को उतारे जाने के बाद हॉट सीट बनी सहसपुर के हालात अब भी हॉट बने हैं। इस सीट पर टिकट के दावेदार आर्येन्द्र शर्मा के समर्थक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। संगठन के स्तर पर उन्हें मनाने की कई कोशिशें हो चुकी हैं। वे मंगलवार को तीसरे दिन भी कांग्रेस भवन में डटे रहे।
इधर, सहसपुर सीट पर भारी असंतोष के बावजूद पार्टी आलाकमान का रुख खासा सख्त है और अब तक 13 असंतुष्ट कांग्रेसियों को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया जा चुका है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि किशोर ही सहसपुर से उम्मीदवार होंगे और बुधवार को उन्हें नामांकन दाखिल करने को कहा गया है।
देर रात आर्येन्द्र के घर पहुंचे सीएम और किशोर
मुख्यमंत्री देर रात आर्येन्द्र शर्मा को मनाने उनके बसंत बिहार स्थित आवास पर जा पहुंचे। उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी थे। दोनों दिग्गज इस कोशिश में जुटे हैं कि आर्येन्द्र बुधवार को किशोर के नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान मौजूद रहे। मंगलवार को पहले केंद्रीय पर्यवेक्षक जीएस बाली आर्येन्द्र को मनाने पहुंचे और उसके बाद सीएम अभियान में जुट गए।