महामंडलेश्वर हरिचेतना नंद के हरिसेवा आश्रम में आयोजित संत सम्मेलन के मुख्य अतिथि यूं तो मुख्यमंत्री हरीश रावत थे। लेकिन उनके जाते ही सम्मेलन मोदीमय हो गया।
स्वामी सत्यमित्रानंद से लेकर प्रवचन करने वाले लगभग सभी संतों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुणगान करने की होड़ सी लग गई। सभी ने मोदी को जल्द हरिद्वार आने के लिए भी न्योता।
संतों ने शुरू कर दी मोदी प्रशंसा
साध्वी उमा भारती को गंगा की स्वच्छता का दायित्व देने के लिए मोदी की प्रशंसा की। संतों को उम्मीद है कि गंगा अब जरूर निर्मल होगी।
मुख्यमंत्री हरीश रावत से पहले बोलने वाले एकमात्र विद्वान डॉ. विष्णु दत्त राकेश ही थे, जिन्होंने गंगा को लेकर संतों को अपनी जिम्मेदारी का अहसास कराया।
भाजपा विधायक मदन कौशिक व प्रेमचंद अग्रवाल ने भी भाषण में संतों को अच्छे दिन आने का अहसास कराने में कसर नहीं छोड़ी।
संतों के कार्यक्रम से दूर रहें सीएम
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा में 11 बजे कैबिनेट की बैठक बुला रखी थी। इसके बावजूद वह पहले हरिचेतना नंद के संत सम्मेलन में पहुंचे।
संतों से नाराज पूर्व विधायक अम्बरीष कुमार ने मुख्यमंत्री के वापसी के समय हैलीपैड पर कार्यकर्ताओं के बीच कहा कि मुख्यमंत्री को संतों के कार्यक्रम में जाना अब बंद कर देना चाहिए।