उत्तराखंड विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के समापन के बाद अब मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर राजनीति गरमाने लगी है।
सूत्रों की मानें तो विधानसभाध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व मंत्री नवप्रभात, पूर्व मंत्री राजेंद्र भंडारी समेत दर्जन भर विधायकों ने मंत्री पद की दावेदारी कर दी है। दावेदारों की लंबी फेहरिस्त ने न सिर्फ सीएम रावत बल्कि केंद्रीय आलाकमान की भी मुसीबत बढ़ा दी है। मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दे पर सूत्र बता रहे हैं कि सीएम एक दो दिन में सूची के साथ दिल्ली दरबार भी पहुंचने वाले है।
दावेदारों में पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, पूर्व मंत्री नवप्रभात, विधायक गणेश गोदियाल, डा. जीतराम, ममता राकेश, विजयपाल सजवाण, हेकेश खर्कवाल, मनोज तिवारी, मयूक महर, फुरकान अहमद, सुंदरलाल मंदरवाल जैसे विधायक शामिल हैं। अब तो विधानसभाध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल और उपाध्यक्ष डॉ. अनुसूया प्रसाद मैखुरी भी मंत्री बनने की दौड़ में शामिल हो गए हैं।
दो पूर्व मंत्रियों राजेंद्र सिंह भंडारी और नवप्रभात का दावा है कि वह वरिष्ठतम सदस्यों में हैं और मंत्री पद का भी अनुभव है लिहाजा उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाए।
जबकि विधायक ममता राकेश का कहना है कि उनके पति स्वर्गीय सुरेंद्र राकेश के मौत के बाद ही मंत्री पद खाली हुआ है ऐसे में पति की जगह उन्हें मंत्री बनाया जाए। विधायक फुरकान पार्टी का मुस्लिम चेहरा होने की वजह से दावेदारी कर रहे हैं। बहरहाल मंत्री पद की कुर्सी किसके हाथ लगती है इसकी तस्वीर एक दो दिन में साफ हो जाएगी।