कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की रैली के साथ-साथ अपनी जमीनी ताकत दिखाने के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने खुद कमान संभाल ली है।
पहली फरवरी से लगातर सुबह से देर रात तक जनता से घिरे रहने वाले हरीश रावत ने अब अगले तीन दिन सिर्फ रैली की तैयारियों में जुटेंगे।
21 से 23 फरवरी तक जनता से अपील की गई है कि व्यस्त कार्यक्रम के चलते ने मुख्यमंत्री नहीं मिलेंगे।
तैयारियों का सीएम खुद ले रहे जायजा
हरीश रावत ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस भवन के बाद परेड ग्राउंड का निरीक्षण किया। उन्होंने अब तक की तैयारियों का जायजा लिया।
उन्होंने मौके पर मौजूद जिलाधिकारी डा.वीबीआरसी पुरुषोत्तम व एसएसपी अजय रौतेला को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
उनके साथ कैबिनेट मंत्री व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य भी मौजूद थे।
रैली के बहाने ताकत दिखाने का मौका
देहरादून में 23 फरवरी को होने वाली कांग्रेस की रैली भले ही लोकसभा चुनाव के मद्देनजर हो रही हो लेकिन इस रैली की सफलता हरीश रावत का राजनैतिक कद भी बताएगी।
कांग्रेस पिछले साल 15 नवंबर को मोदी से पहले राहुल गांधी की बड़ी रैली कराना चाहती थी लेकिन अंतिम समय में उसे स्थगित कर दिया गया।
उसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने मोदी की रैली के बाद जनवरी में बड़ी रैली की घोषणा की थी।
हरीश रावत के लिए है दोहरी चुनौती
राहुल की रैली ऐसे समय पर हो रही है जब कांग्रेस एक साथ दो चुनावों में जाने की तैयारी कर रही है। हरीश रावत के लिए पंचायत चुनाव के साथ लोकसभा चुनाव भी अहम हैं।
हरीश रावत को मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर नेताओं में जो विरोध था वह थमा जरूर है लेकिन रैली में सबका एक साथ जुटना साबित करेगा कि हरीश रावत कितने सफल हुए हैं।
हां, उनके आने से पार्टी के निचले स्तर पर कार्यकर्ताओं में जोश साफ झलक रहा है। जिस दिन हरीश रावत ने शपथ ली थी उस दिन उनकेसमर्थकों ने परेड ग्राउंड पर पहुंचकर बानगी दिखाई भी थी।