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महाभारत के महारथी शल्य के शरीर में यज्ञ का वास था, जो उनकी शक्ति था। क्रोधी दुश्मन के शल्य पर वार करते ही क्रोधित होकर यज्ञ शल्य की शक्ति को कई गुना बढ़ा देता था। शल्य कौरव पक्ष के अंतिम सेनापति बनाए गए। कृष्ण ने कहा शल्य से महाराज युधिष्ठर लडे़ंगे, वहीं उन्हें मार सकते हैं। अर्जुन, भीम आदि के होते हुए युधिष्ठर ही क्यों। इस शंका का समाधान करते हुए कृष्ण ने कहा कि शांत क्रोध रहित युधिष्ठर ही शल्य को मारने में सक्षम हैं। ऐसा ही हुआ, युद्ध में शांत युधिष्ठर ने शल्य को कुछ ही क्षणों में मार गिराया। वर्ष 2019 के लोकतांत्रिक महायुद्ध में शल्य रूपी नरेंद्र मोदी को गंभीर, शांत, हंसमुख राहुल गांधी प्यार के अस्त्र से पराजित कर रहे हैं। प्यार के अस्त्र के सम्मुख क्रोधी, घमंडयुक्त नरेंद्र मोदी जी की पराजय निश्चित है।
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18 मई को भगवान केदारनाथ जाएंगे श्री नरेंद्र मोदी प्रायश्चित करने। चुनाव में दिवंगत महापुरुषों व शहीदों को दी गई गालियों, भाषणों से फैलाए गए विद्वेष और असहिष्णुता, जनता जनार्दन से बोले गए झूठ, चुनावों में सत्ता व धन का भयानक दुरुपयोग, किस किस पाप का प्रायश्चित करने केदारनाथ जा रहे हैं श्री नरेंद्र मोदी जी। मोदी जी, आपने तो केदारनाथ को लेकर भी झूठ बोला है। आप तो भगवान केदार की जटाओं से निकली गंगा के भी अपराधी हैं। आज गंगा सबसे अधिक मैली है। भगवान शंकर आपको माफ नहीं करेंगे।
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मणिशंकर अय्यर जी को भी मोदी रोग लग गया है। विद्वान व्यक्ति हैं, कुछ और बोलें और लिखे। गाली गलौज जैसी भाषा, ओछे शब्द, दंभ व घमंड नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह जी के आभूषण हैं। हम तो राहुल गांधी जी के प्यारवादी हैं। प्यार, सहिष्णुता आधारित लोकतंत्र जिंदाबाद।