दूसरी ओर, हरक सिंह रावत की निगाह अब सीबीआई जांच पर है। हरक का दावा भी है कि सीबीआई की जांच में साबित हो जाएगा कि वे पूरी तरह से बेदाग हैं। वे जांच में सहयोग करेंगे।
हरक ने बृहस्पतिवार को इस मामले में पूछे जाने पर कहा कि उनके लिए मंत्री पद मायने नहीं रखता। हरक का इशारा उस आरोप की ओर है जिसमें कहा गया था कि उन्होंने विधायकों की खरीद फरोख्त में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत से अपने लिए उपमुख्यमंत्री पद मांगा था।
सीबीआई ने हरक सिंह के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है, लिहाजा हरक समर्थक भी दबाव महसूस कर रहे हैं। हरक के साथ परेशानी ये भी है वे भाजपा में कांग्रेसी भाजपाई हैं। इतना होने पर भी हरक के सुर तल्ख ही हैं।