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बाबा केदार के रूप को प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ने बदल दिया है: हरीश रावत

Fri, 11 May 2018 01:49 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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harish rawat
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केदारनाथ से लौटकर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ने बाबा केदार के रूप को बदल दिया है।

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शुक्रवार को देहरादून में आयोजित प्रेसवार्ता में हरीश रावत ने कहा कि केदारनाथ के दर्शन के लिए जब हम पहुंचे उस वक्त मेरे साथ स्थानीय विधायक मनोज रावत और राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा मौजूद थे। मैं अपने साथ दूरबीन और खुर्दबीन दोनों अपने लेकर केदारनाथ गया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। कहा कि पीएम मोदी दूसरों के काम को अपना बताने में माहिर हैं।

मैंने दूरबीन से देखना चाहा किपिछले सवा साल में केदारनाथ कितना बदला है। प्रदेश सरकार द्वारा कहा जा रहा था कि सब बदल गया है लेकिन मेरे दूरबीन और खुर्दबीन दोनों को निराशा हुई। हमने पूर्व मे केंद्र सरकार से निरंतर मांग की थी कि मंदाकिनी में जो कटाव हो रहा है उसके लिए चार हजार करोड़ का प्रोजेक्ट पास किया जाए। पूर्व में हमने वैकल्पिक निकासी मार्ग बनाये थे अब सरकार ने उसमें कुछ काम नहीं किया है।
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हमनें पानी की निकासी के लिए कुछ नहरें बनाई थी, अब उसमें भी कुछ काम नहीं हुआ। गरुड़ चट्टी में बनी तपस्वली में भी पूर्व से छोड़कर अभी तक कुछ काम नहीं हुआ है। रावत ने कहा कि जब दूरबीन से कुछ नहीं मिला तो मैंने खुर्दबीन से खोजने की कोशिश की। हमारी बनाई गई सड़क के राज्य सरकार ने गड्ढे तक नहीं भरे हैं। बाबा केदार के रूप को भी प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ने बदल दिया है। जहां पहले भगवानों की मूर्तियां श्रद्धालुओं का स्वागत करती थीं वहीं अब उस केंद्र सरकार के नेता और बिजनेसमैन के फोटो लोगों का स्वागत कर रहे हैं।

बाबा केदार में किसी भी प्रकार का काम हो रहा है। धाम के पुर्ननिर्माण में बद्री केदार मंदिर समिति को देश के उच्च कोटि के आर्किटेक्ट की सहायता जरूर लेनी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। हरीश रावत ने केदारनाथ में हुए लेज़र शो पर भी व्यंग किया। कहा कि वहां परम्पराओं का अपमान किया गया है। तीर्थ-पुरोहितों और मन्दिर समिति से कोई राय नहीं ली गई है। केदारनाथ मंदिर और भक्तों की आस्था से खिलवाड़ किया गया है। 

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