सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडेय की मौत के मामले किसी एक्सपर्ट से जांच कराने की जरूरत बताई है।
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गुरुवार को हरीश रावत ने देहरादून में मीडिया से मुखातिब होकर वर्तमान त्रिवेंद्र रावत सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में जब वैट लागू था उस वक्त राज्य की आमदनी अधिक थी। जीएसटी लागू होने के बाद 50 प्रतिशत कम हुआ है, उसकी भरपाई करना बड़ा सवाल है।
खनन से जो राजस्व प्राप्त होता है उसमें 40 प्रतिशत की गिरावट आई है। शराब में भी कमी है जिन क्षेत्रों में अधिक बिक्री होती थी वहां चंडीगढ़ का ब्रांड बिकवाया जा रहा है।
यूपी और उत्तराखण्ड के बीच परिवहन करार के मामले में भी सरकार जनता को भ्रमित कर रही है। इस दौरान हरीश रावत ने मदरसों में पीएम का फोटो लगाने पर एतराज जताया । कहा कि धार्मिक स्थलों में चित्र नहीं लगाया जाए। लोकायुक्त को लेकर पीएम मोदी पर कटाक्ष किया । कहा कि केंद्र में लोकपाल नहीं बनाया। लोकपाल के लिए अन्ना और केजरीवाल का 'जागर' लगाना होगा।