अमर उजाला संवाद उत्तराखंड उदय कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए केंद्रीय जल संसाधन एवं सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी राज्य में चल रही केंद्रीय योजनाओं को खासी रफ्तार दे गए हैं।
अरसे से लंबित मामलों में उनकी समीक्षा बैठक के बाद तेजी आई है। इसमें चारधाम ऑल वेदर रोड, एनएच-74 और एनएच-72 के निर्माण, हरिद्वार में रिंग रोड का निर्माण, भारतमाला परियोजना के तहत चयनित सड़कों को बनाने के प्रस्ताव में अवरोध दूर हुए हैं।
लगभग 11 हजार करोड़ रुपये से बन रही ऑल वेदर रोड के निर्माण में तमाम व्यावहारिक दिक्कतें पेश आ रही थीं। केंद्रीय परियोजना होने के नाते इन दिक्कतों का निराकरण राज्य स्तर पर संभव नहीं हो पा रहा था। सोमवार को संवाद कार्यक्रम के बाद गडकरी ने ऑल वेदर रोड के निर्माण में लगे अफसरों के साथ ही यहां काम कर रही एजेंसियों और ठेकेदारों से बातचीत की।
कुछ लोगों ने भुगतान अटकने की बात कही तो कुछ ने मुआवजा वितरण न होने आदि से जुड़े मुद्दे गडकरी के समक्ष उठाए। सभी पक्षों के एक साथ मौजूद होने के नाते ज्यादातर समस्याएं मौके पर ही दूर हो गईं। अफसरों ने मुआवजे के ढाई सौ करोड़ रुपये केंद्र के स्तर पर रुके होने की बात भी कही तो केंद्रीय मंत्री ने जल्द ही इसे रिलीज करने का आश्वासन दिया।
इसी परियोजना में भागीरथी इको सेंसिटिव जोन में आने वाले धरासू से गंगोत्री तक की 94 किलोमीटर सड़क के निर्माण का मामला भी अटका हुआ है। समीक्षा बैठक में गडकरी ने दस दिन के भीतर इस सड़क की डीपीआर बनाकर उनकी अध्यक्षता में बनी इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी के सामने पेश करने को कहा। इस सड़क का न बनना भी परियोजना की राह में बड़ा रोड़ा है।
उधर, मुजफ्फरनगर से देहरादून को जोड़ने वाले एनएच-72 और पश्चिमी यूपी से कुमाऊं को जोड़ने वाले एनएच-72 के विकास में भी तमाम दिक्कतें दूर हुई हैं। लगभग दस साल से निर्माणाधीन एनएच-72 को प्रत्येक दशा में इस साल पूरा करने की बात गडकरी ने कही। इसी क्रम में एनएच-74 में ज्यादातर मामले ऑब्रिट्रेशन में जाने के चलते यह तय कर दिया गया है कि स्वतंत्र ऑब्रिट्रेटर की जल्द से जल्द नियुक्ति करके इनका निस्तारण किया जाएगा।
केंद्रीय सड़क निधि के लिए जाएंगे 400 करोड़ के प्रस्ताव
राज्य में मौजूदा राजमार्गों के रखरखाव के लिए भी नितिन गडकरी ने राज्य सरकार से केंद्रीय सड़क निधि में प्रस्ताव भेजने को कहा। इस पर अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश की ओर से चार सौ करोड़ के प्रस्ताव भेजने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी तरह भारतमाला प्रोजेक्ट में उत्तराखंड की पांच सड़कों का चयन किया गया है, जिन्हें दस हजार करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाने की बात भी तय हो गई है। इससे राज्य की सीमांत हिस्सा काफी विकसित होगा। हरिद्वार में रिंग रोड बनाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई, जिसमें 2700 करोड़ के बजट को खर्च करने की मंजूरी केंद्रीय मंत्री गडकरी के स्तर से दे दी गई है। इसमें राज्य पर केवल सौ करोड़ रुपये का बोझ आएगा।
राज्य में संचालित तमाम परियोजनाओं में छोटी-बड़ी समस्याओं का निदान केंद्रीय मंत्री की बैठक में हो गया है । ऐसे में अब निश्चित रूप से इनकी रफ्तार तेज होनी तय है। वहीं मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति भी काफी बेहतर होगी। कुल मिलाकर केंद्रीय मंत्री का देहरादून आना राज्य के लिए काफी हितकर साबित हो रहा है।
- ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव (उत्तराखंड)