उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कर्मचारी यूनियन के नेताओं की बधाई भी स्वीकार की और उन्हें खरी-खरी सुनाई भी।
उन्होंने कर्मचारी संगठनों के साथ हुए समझौता को हर हाल में लागू करने की बात कही लेकिन साथ-साथ रोज-रोज हड़ताल और विभागों केबीच आपसी प्रतिद्वंद्विता कर वेतन-भत्ता व कैडर बढ़वाने पर ऐतराज जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा आपने हड़ताल की तो सरकार बात नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने कर्मचारी नेताओं से उनकी मांगों केनिस्तारण के लिए तीन महीने का समय मांगा है।
समझौते हर हाल में पूरे होंगे
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद केनेता नए मुख्यमंत्री हरीश रावत को बधाई और अपनी मांगे पूरी नहीं होने की बात करने विधानसभा पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को स्पष्ट किया कि जो समझौते पूर्व में हुए हैं उन्हें हर हाल में पूरा किया जाएगा।
इसके लिए डा. इंदिरा ह्दयेश की अध्यक्षता में एक कमेटी भी बनाई जा रही है जिसमें ट्रेड यूनियनों केनेता हीरा सिंह बिष्ट भी होंगे। जो समझौता का फालोअप भी करेगी। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से उनकी मांगों पर बिंदुवार विचार करने को कहा है।
हड़ताल समाधान नहीं है
बार-बार हड़ताल पर मुख्यमंत्री ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कर्मचारियों को प्रदेश की आर्थिक स्थिति का भी ध्यान रखना होगा। उन्होंने कहा कि मैंने दो पूर्व मुख्य सचिवों से बात की थी उन्होंने बताया कि यही हाल रहा तो 2015 तक कर्मचारियों को वेतन देने तक में दिक्कत आएगी।
हड़ताल न तो समाधान है और न ही आपदा केबाद पुनर्निर्माण व पुर्नवास में लगे उत्तराखंड केहित में। मुख्यमंत्री ने कहा कि हड़ताल पर जाने से पहले सरकार से वार्ता करें वाजिब मांगे पूरी होंगी लेकिन संगठनों व कैडरों में आपस में प्रतिद्वंद्विता जैसी स्थिति उत्पन्न ना हो।
नेताओं ने कहा कि बीती छह नवम्बर को हुए समझौतों को लागू नहीं किया जा रहा है। नेताओं ने अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा की भूमिका को लेकर शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री बोले भगवान ने जो अधिकारी दिए हैं काम तो उन्हीं से लेना है।
मुख्यमंत्री से मिलने वाले नेताओं में अध्यक्ष ठाकुर प्रह्ललाद सिंह, महामंत्री प्रदीप कोहली, पीसी सैनी, अरुण पांडे, ओमवीर सिंह आदि मौजूद थे।