उत्तराखंड के सीएम हरीश रावत ने कहा कि जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाना दुर्भाग्यपूर्ण होगा। इस बात का वहां के लोगों से वायदा किया गया था, जिसे कैसे तोड़ा जा सकता है।
वहीं, गंगा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि गंगा सफाई पर मोदी सरकार को पूरा सपोर्ट करेंगे। गंगा की सफाई सभी के लिए जरूरी है, इसलिए वह राजनीतिक मुद्दा नहीं है।
हरीश रावत ने देहरादून में विधानसभा सत्र शुरू करने के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहीं।
भाजपा को सुनाई खरी-खरी
विपक्ष की घेराबंदी के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत को खुद ही मोर्चा संभालना पड़ा। उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि सियासत के बजाय गैरसैंण में विधानसभा सत्र के विधानसभाध्यक्ष के फैसले का स्वागत करें।
वहीं, उन्होंने कहा कि अब विकास में तेजी लाने के लिए जिला योजना का पैसा सीधे जिलों को भेजा जाएगा।
सचिवालय स्थित सभाकक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट को विरोध करने के बजाय इस कदम का समर्थन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गैरसैंण में प्रस्तावित सत्र में पहाड़ से पलायन, रोजगार, शिक्षा व स्वास्थ्य, पेयजल समेत तमाम बुनियादी समस्याओं और जरूरतों पर चर्चा होनी है, ऐसे में विपक्ष का विरोध नाजायज है।
'विधानसभा भवन बनने में लगेगा समय'
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधान भवन बनने में थोड़ा समय लगेगा, अभी ग्लोबल टेंडरिंग की प्रक्रिया पूरी हुई है, जल्द ही काम शुरू होगा, लेकिन विपक्ष को सहयोग करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला योजना का कुल परिव्यय का प्रतिशत कम हुआ है, इसे बढ़ाया जाना है और यह राशि 8500 करोड़ में से साढ़े सात सौ करोड़ करनी है।
कहा कि प्रदेश के विकास को गति देने और जिलों की स्थिति समझने के लिए पांच कैबिनेट बैठक देहरादून से बाहर जिला मुख्यालयों में की जानी हैं। ताकि कैबिनेट खुद जमीनी हकीकत से रूबरू हो सके।
इसके अलावा कुछ युवा आईएएस अफसरों को प्रभारी सचिव बनाकर जिलों में जिला योजना का अनुश्रवण करने के लिए भेजा जाएगा।
भाजपा ने बताया नाटक
शिलान्यासों के पत्थर लगाकर मुख्यमंत्री नए-नए नाटक रच रहे हैं। पंचायत चुनाव को लेकर जो नौटंकी हो रही है, जनता उसका भी लोकसभा चुनाव की तर्ज पर ही जवाब देगी।
लोकसभा चुनाव से पहले भी एक ही दिन सैकड़ों शिलान्यास, उद्घाटन व शासनादेश जारी किए थे, लेकिन जनता सब समझती है, जमीन पर कुछ काम नहीं होना है।
-अजय भट्ट, नेता प्रतिपक्ष