उत्तराखंड के पुलिस मुख्यालय में आजकल हरीराम नाई की धूम मची है। अंग्रेजों के जमाने की जेल का मुंह लगा है तो बगैर पूछे ही कमरे में घुस जाता है। जेलर से दोस्ती है तो पुरानों को बाय-बाय बोल दिया।
लेकिन यह शोले फिल्म वाला हरीराम नाई नहीं है, ये तो रियल लाइफ वाला नाई है। जब मौका लगता है पुरानों से भी बतिया लेता है और कहता है कि अरे दोस्ती तो आप ही से है बस।
मुख्यालय में चलता है रौब
हरीराम के पुलिस मुख्यालय पहुंचते ही शोले फिल्म की तरह सब अटेंशन हो जाते हैं। इस भाई को गपशप मारने का बड़ा शौक है। कई बार तो इनके लिए पिज्जा मंगाया जाता है, कभी फोटोग्राफी होती है।
असलियत तो पता नहीं क्या होगी, लेकिन बाहर पूरे बल में इस बात का स्पष्ट संदेश है कि कुछ काम कराना हो तो सौ जगह धक्के खाने के बजाय हरीराम नाई को भाई कहकर सलाम ठोक दो और काम करा लो। अब बड़े साहब को इसकी खबर है कि नहीं यह तो राम ही जाने।