क्यों की जाती है गंगनहर बंद
यह बंदी एक आवश्यक प्रक्रिया है। इस दौरान उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग नहर की गाद निकालने, उसके किनारों की मरम्मत करने और नहर के गेटों की जांच व रखरखाव का काम करता है। यह सब इसलिए किया जाता है ताकि साल भर नहर से पानी की सुचारू आपूर्ति बनी रहे।
नहर बंद रहने से पड़ेगा यह असर
ऊपरी गंगनहर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई का मुख्य स्रोत है। इसके बंद होने से हरिद्वार, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़ जैसे जिलों में किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलना बंद हो जाता है जिससे उनकी फसलों पर सीधा असर पड़ता है। गंगनहर बंद रहने के दौरान हरिद्वार में हरकी पैड़ी और अन्य घाटों पर गंगा का जलस्तर बहुत कम हो जाता है। हालांकि सुबह-शाम की गंगा आरती के लिए नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़ा जाता है लेकिन गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को कम पानी के कारण परेशानी होती है। वेस्ट यूपी और दिल्ली में पेयजल आपूर्ति भी गंगनहर बंद रहने से प्रभावित होती है।