शिक्षक कमलवीर के दस्तावेजों की जांच के दौरान पता चला कि उसका रिश्ते का भाई भी इस तरह किसी अशोक की डिग्री के आधार पर उत्तर प्रदेश में नौकरी कर रहा है। अशोक के नाम की डिग्री पर नौकरी करने के मामले में लक्सर के एक शिक्षक के खिलाफ एफआईआर हो चुकी है। हालांकि असली अशोक का अभी पता नहीं लग पाया है। एसआईटी प्रभारी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि इस मामले में उत्तराखंड शिक्षा निदेशालय के माध्यम से यूपी शिक्षा को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
24 हजार प्रमाण पत्रों का सत्यापन बाकी
एसआईटी को अभी 24 हजार प्रमाणपत्रों का सत्यापन करना है। शिक्षा विभाग ने करीब 54 हजार प्रमाणपत्र एसआईटी को उपलब्ध कराए थे। कोरोना काल के चलते दस्तावेज के सत्यापन का काम पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
एसआईटी जांच में दूसरे की डिग्री चुराकर डुप्लीगेट डिग्री बनाने के अब तक करीब आठ मामले सामने आ चुके हैं। जांच के दौरान इस तरह के संकेत मिल रहे हैं कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान कोई गैंग सक्रिय था। गैंग मुंह मांगे दाम पर डुप्लीकेट डिग्री बनाकर उपलब्ध कराई है। इस बिंदुओं पर जांच का दायरा बढ़ाया गया है। एसआईटी अब तक 107 शिक्षकों के खिलाफ अमान्य डिग्री मिलने पर कार्रवाई की संस्तुति कर चुकी है।
- मणिकांत मिश्रा, प्रभारी एसआईटी।