स्नान पर्व में पैदल चलना भी दूभर
हरिद्वार में स्नान पर्व लगभग प्रत्येक माह होते हैं। इसके अलावा कांवड़ और कुंभ, अर्द्धकुंभ भी होता है। ऐसे में उमड़ने वाली भीड़ तक को पैदल चलने का रास्ता नहीं मिलता है। रेलवे स्टेशन से लेकर हरकी पैड़ी तक, देवपुरा से वाल्मीकि चौक और अब तो भगत चौराहे से लेकर ज्वालापुर के जटवाड़ा पुल तक सड़क किनारे फुटपाथ तक गायब हो चुके हैं। हरकी पैड़ी के ऊपर पहाड़ में गुफा बनाकर रोड तक व्यापार फैलाया जा रहा है। इस ओर न तो पुलिस प्रशासन ध्यान दे रहा है और न ही वन विभाग और राजाजी नेशनल पार्क प्रशासन।
हरिद्वार में अब तक बड़ी परियोजनाएं
- हरिद्वार-ऋषिकेश रेल मेट्रो परियोजना : हरिद्वार से ऋषिकेश तक मेट्रो रेल चलाने की घोषणा हुई, खाका खींचा गया। निर्माण के लिए नामित संस्थाएं बैरंग लौटीं।
-मनसा देवी चंडी देवी रोपवे सेवा : योजना की घोषणा के बाद से अब तक चर्चा तक नहीं हुई।
- पॉड टैक्सी परियोजना : कार्यदायी संस्था मेट्रो रेल कारपोरेशन ने सर्वे किया, अतिक्रमण हटाने की बारी आई तो विरोध के स्वर इस तरह उठे कि प्रशासनिक अमले की हिम्मत तक नहीं हुई इस पर चर्चा करें। संत महंत आश्रम और अखाड़े साधे गए तो व्यापारी नहीं माने। दो बार पॉड टैक्सी परियोजना के लिए कार्ययोजना में परिवर्तन किया गया। अतिक्रमण किसी कीमत पर नहीं हटे इसके लिए लगातार आंदोलन प्रदर्शन होते रहे।
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- हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर परियोजना : समूचे शहीर में सर्वे हुआ, निशान लगे। कनखल से लेकर हरकी पैड़ी और सप्तऋषि से लेकर अंतिम छोर सराय तक का पूरा खाका खींचा गया। विरोध के स्वर उठे तो कई गोपनीय बैठक हुई। निर्माण कार्य को लेकर फिलहाल अभी तक हितधारकों के साथ बैठक तक नहीं की गई।