फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरिद्वार में मासूम से दरिंदगी के मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई, फांसी की सजा होने तक पुलिस टीम करेगी पैरवी 

Thu, 24 Dec 2020 07:31 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

  • डीआईजी गढ़वाल की अध्यक्षता में विशेष टीम का होगा गठन
  • फरार दूसरे आरोपी की ईनामी राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये की
  • विधानसभा में संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने की घोषणा
  • विपक्ष ने सदन में उठाया मामला, कहा- घटना जघन्य और शर्मनाक
विज्ञापन
- फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड सरकार हरिद्वार में 11 साल की मासूम से दुष्कर्म और हत्या के मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट कराएगी। मासूम से दरिंदगी की जांच के लिए डीआईजी गढ़वाल नीरू गर्ग की अध्यक्षता में एक विशेष टीम गठित होगी। यह टीम पूरे मामले की तब तक मॉनिटरिंग करेगी, जब तक आरोपियों को कानून के तहत फांसी की सजा नहीं हो जाती।

विज्ञापन


आरोपियों को सजा होने तक विशेष टीम न्यायालय में पैरवी करेगी। यह घोषणा संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में की। उन्होंने सदन में फरार आरोपी पर ईनाम की राशि 20 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये करने की घोषणा भी की। कौशिक के मुताबिक, सचिव गृह व पुलिस महानिदेशक को कह दिया गया है कि प्रकरण की वर्तमान में जो भी टीम जांच कर रही है, उसका नेतृत्व डीआईजी गढ़वाल ही करेंगी।

बृहस्पतिवार को सदन में कांग्रेस ने यह मामला उठाया तो विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सरकार को निर्देश दिए कि वह पुलिस प्रशासन को सचेत करे कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करे।
विज्ञापन


इससे पूर्व विधानसभा सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने नियम 310 की सूचना के जरिये मासूम से दरिंदगी का मामला उठाया। अध्यक्ष ने उनकी सूचना को नियम 58 में परिवर्तित कर सदन में रखने की अनुमति दी। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश, विधायक प्रीतम सिंह, हरीश धामी, ममता राकेश और आदेश चौहान ने घटना को शर्मनाक, वीभत्स और जघन्य बताया। उन्होंने दूसरे आरोपी के फरार होने पर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यह निर्भया जैसी घटना है।

उन्होंने मामले की सीबीआई जांच कराने, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने व प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि देवभूमि और कुंभ से पहले हुई इस घटना से देश में बुरा संदेश गया है।

इस पर संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने पॉस्को समेत उन सभी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है, जिसमें ऐसे जघन्य अपराधों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सरकार दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। जब तक दोषियों को सजा नहीं सुना दी जाती, पुलिस इस मामले को देखेगी और न्यायालय में पैरवी करेगी।

विज्ञापन

कौशिक ने गृह सचिव और डीजीपी को दिए निर्देश

संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने सचिव गृह नितेश कुमार झा और पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार को दुष्कर्म और हत्या मामले में सरकार की विधानसभा में की गई घोषणा की जानकारी दी। घोषणा पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।

यह है प्रक्रिया
सदन में आए मामले पर सरकार ने जो घोषणा की है, उसे गृह विभाग को कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। सरकार चाहती है कि घोषणा का प्रस्ताव तत्काल फास्ट ट्रैक में चले। न्याय विभाग से परामर्श करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की व्यवस्था की जाएगी।

आरोपियों को सजा दिलाने के लिए सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई कराई जाएगी, ताकि दरिंदों को शीघ दंड मिल सके। फरार आरोपी पर ईनामी राशि को बढ़ाकर एक लाख कर दिया गया है। मैंने गृह सचिव और डीजीपी से मामले में तेजी से कार्रवाई करने को कहा है।
- मदन कौशिक, संसदीय कार्यमंत्री

हरिद्वार की घटना शर्मनाक और विभत्स है। पुलिस प्रशासन दूसरे आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सका। उत्तराखंड में बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। देवभूमि में यह घटना शर्मसार करने वाली है। बाहर से आने वाले पर्यटकों को सुरक्षा का कैसे भरोसा दें।
- डॉ.इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष

विधानसभा सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
उत्तराखंड विधानसभा का चार दिवसीय शीतकालीन सत्र बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सदन में इसकी घोषणा की। इसके बाद प्रभारी सचिव विधानसभा मुकेश सिंघल ने सत्र के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने की अधिसूचना जारी कर दी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें