सितंबर में पहली बार हुआ फर्जीवाड़ा
योजना में पहली बार फर्जीवाड़ा सितंबर में किया गया। इसमें ग्राम बादशाहपुर, नसीरपुर कलां में दो श्रमिक पुरुषों को मृतक दर्शाकर सरकारी पैसा हजम कर लिया गया। फिर नई कुंडी बिशनपुर में दो महिला श्रमिकों को भी मृतक बताकर योजना की धनराशि हासिल की गई। खाला टीरा में भी एक श्रमिक को मृतक दिखा दो लाख रुपये की राशि आश्रितों के खाते में ट्रांसफर की गई है। जांच होने पर संख्या सौ से अधिक पहुंच सकती है।
मौखिक शिकायत मिली है, लिखित शिकायत का इंतजार किया जा रहा है। फिर भी विभाग ने अपने स्तर से प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। जांच में जो भी सामने आएगा, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-विपिन कुमार, उप श्रमायुक्त, हरिद्वार
सरकार की ओर से श्रमिकों के लिए चलाई जा रही योजना में भ्रष्टाचार किया जाना गंभीर मामला है। इसकी निष्पक्षता से जांच की जानी चाहिए। मामले को लेकर सीएम से भी मिला जाएगा, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
- सुमित सिंघल, प्रदेश महामंत्री, भारतीय मजदूर संघ