हरिद्वार में मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने पुलिस पर मातृसदन के साधुओं को मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। स्वामी ने कनखल थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और डीजीपी से उसे हटाने की मांग की है।
पूरी रात डीजे बजते रहते
सोमवार को प्रेसवार्ता में मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने कहा कि बारातों के बैंड और विवाह मंडपों में पूरी रात डीजे बजते रहते हैं, जिनसे ध्वनि प्रदूषण होता है और आसपास के लोगों को परेशानी होती है। रविवार की रात उन्होंने कनखल थाना पुलिस को फोन कर डीजे और बैंड बंद कराने के लिए फोन से सूचना दी।
स्वामी शिवानंद का कहना है कि पुलिस ने वापसी में फोन कर मातृसदन के साधु स्वामी दयानंद को भेजने को कहा। सड़क पर पहुंचने पर पुलिस दयानंद को सड़क पर इधर से उधर घुमाती रही। इस दौरान पुलिस के एक सिपाही ने दयानंद को वहां से चले जाने की सलाह दी।
कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान
स्वामी शिवानंद का आरोप है कि रात में इस तरह से बुलाकर और सड़क पर घुमाकर पुलिस स्वामी दयानंद को मारना चाहती थी। उन्होंने कनखल थानाध्यक्ष की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए संगीन आरोप लगाए। कहा कि इसके बाद एसएसपी से वार्ता की गई तो उन्होंने भी सही बात नहीं की। उन्होंने कहा कि कनखल थानाध्यक्ष के व्यवहार की मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री और डीजीपी से शिकायत की गई है।
इंस्पेक्टर ही चला सकता है थाना
स्वामी शिवानंद ने कहा कि पुलिस अधिकारियों में थाना कोतवाली का प्रभारी बनाने की सूझबूझ ही नहीं है। प्रदेश में दारोगाओं को थाने का प्रभारी बना दिया जाता है, जबकि थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नियुक्त किया जाना चाहिए। इंस्पेक्टर अनुभवी होते हैं और वे सूझबूझ से थानों को चलाते हैं।