अनिल कुमार और सोनू फौजी का नाम आरोपपत्र में शामिल नहीं किया गया। इस मामले का विचारण भी हरिद्वार जिला न्यायालय में शुरू हो गया। इसके बाद रामशंकर की पत्नी ने इस प्रकरण को हाईकोर्ट में उठाते हुए कई आरोप लगाए। कई तथ्यों को हाईकोर्ट के सामने रखा गया जिससे कोर्ट ने संतुष्ट होकर स्थानीय पुलिस की जांच दोषपूर्ण पाते हुए जांच सीबीआई के हवाले करने के आदेश दिए।