जनहित में इस कानून को वापस लिया जाना बेहद जरूरी है। कहा कि उन्हें धरने का शौक नहीं, वह घर से बाहर केवल इसलिए निकली हैं ताकि सरकार जाग सके। महिलाओं के प्रदर्शन की सूचना पर विधायक काजी निजामुद्दीन भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि असम में एनआरसी का प्रयोग किया जा चुका है।
पूर्व विधायक हाजी सरवत करीम अंसारी, पूर्व पालिकाध्यक्ष चौधरी इस्लाम, ऑल इंडिया इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नय्यर काजमी, बसपा नेता डॉ. शमशाद, मौलाना सिब्ते हसन-ए नवाज काजमी, मौलाना शाहवेज अब्बास, मौलाना इकबाल हुसैन, मुफ्ती राशिद कासमी, काजी अबरार मसूद, अमजद उस्मानी, पूर्व सभासद रौनक जैदी भी मौके पर पहुंचे।
महिलाओं ने दोपहर की नमाज भी धरना स्थल पर अदा की। धरना देने वालों में रुखसार, अलीशा, कमर जहां, रहमानी, शबनम, रानी, सानिया और अफरोज आदि शामिल रहीं।