तेरह साल की सेवा देने के बाद हरिद्वार पुलिस के सुल्तान (खोजी कुत्ते) ने रविवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। कोतवाली रानीपुर के परिसर में सुल्तान को भू-समाधि दी गई। दो अर्द्धकुंभ, एक कुंभ में सुल्तान ने सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।
वर्ष 2003 में लेब्राडोर नस्ल का कुत्ता सुल्तान उत्तराखंड का हिस्सा बना था। सुल्तान की तैनाती हरिद्वार जिले में हुई थी। पंजाब के फिल्लौर में पुलिस अकादमी में बारूदी गंध की पहचान करने की ट्रेनिंग दी गई थी। तब से सुल्तान हरिद्वार जिले में ही तैनात रहा और कुछ समय के लिए उसका तबादला पिथौरागढ़ जनपद हुआ था। वर्ष 2004 में अर्द्धकुंभ, वर्ष 2010 में कुंभ और वर्ष 2016 में अर्द्धकुंभ में अपनी सेवाएं दी थी। अर्द्धकुंभ खत्म होने पर सुल्तान रिटायर्ड हो गया था।
उसके देखने और सूंघने की शक्ति क्षीण हो गई थी। तब से सुल्तान रानीपुर कोतवाली परिसर में बने अपने सरकारी आवास में ही था। सुल्तान की जगह अर्द्धकुंभ में आए चार नए खोजी कुत्तों नकुल, फलेरा, डेजी और बेला ने ले ली थी। रविवार की सुबह सुल्तान ने आखिरी सांस ली। एएसपी रचिता जुयाल, कोतवाली प्रभारी पीसी मठपाल, एसएसआई दिलमोहन बिष्ट समेत डॉग स्कवॉयड के सदस्यों ने सुल्तान को भू समाधि दी। उससे पहले बाकायदा उसकी समाधि पर फूल मालाएं अर्पित की गई।