10 सितंबर को एसडीएम पूरन सिंह राणा को मजिस्ट्रेटी जांच सौंपी गई है। 15 दिन में जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जानी है। एसडीएम ने बताया कि अभी मृतक आश्रितों और कई ग्रामीणों के बयान लिए जाएंगे। मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने से बिसरा जांच को भेजा गया है। जहरीली शराब का सैंपल भी जांच को गया है। इनकी जांच रिपोर्ट को भी मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।
बिना थानेदार चल रहा पथरी थाना
जहरीली शराब कांड के बाद डीजीपी अशोक कुमार ने पथरी थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार को निलंबित कर दिया था। तब से पथरी थानेदार की कुर्सी खाली है। एक दरोगा कार्यवाहक थानाध्यक्ष का कार्यभार सौंपा गया है। क्षेत्र में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। क्षेत्र में कई गांव संवेदनशील हैं। ऐसे में थानाध्यक्ष की तैनाती को लेकर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।