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यमदूत बन रहे ओवर स्पीड वाहन: राहगीरों की ले रहे जान, दुर्घटनाओं का तेजी से बढ़ता जा रहा ग्राफ

Wed, 14 Sep 2022 04:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा

सार

ओवरस्पीड वाहन सड़क पर चलने वाले राहगीरों टक्कर मार जाते हैं। वाहनों के भाग जाने वजह से भी लोग पुलिस में उनके खिलाफ मामला दर्ज नहीं कराते हैं। सुबह और शाम के समय कई बुजुर्ग सैर करने निकलते हैं। बुजुर्गों को भी ओवरस्पीड वाहनों से खतरा बना रहता है।
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घटनास्थल का फोटो ।संवाद - फोटो : ALMORA
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विस्तार
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जिला मुख्यालय और ग्रामीण इलाकों में ओवर स्पीड वाहन यमदूत बन कर लोगों की जान ले रहे हैं। तेज गति के वाहन राह चल रहे राहगीरों को टक्कर मार कर चोटिल कर जाते हैं। हाल ये है कि गली मोहल्लों की सड़कों पर भी वाहनों की स्पीड कंट्रोल में नहीं रहती है।

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नगर के माल रोड, लोअर माल रोड, जीजीआईसी तिराहे से लोअर माल रोड को जोड़ने वाला लिंक मार्ग, धारानौला-लमगड़ा-जैंती मोटर मार्ग, अल्मोड़ा-कोसी मोटर मार्ग समेत जिले की आंतरिक सड़कों पर दोपहिया, चौपहिया वाहन ओवर स्पीड दौड़ रहे हैं। सुबह बच्चे स्कूल जाते हैं। तब भी वाहनों की गति काफी तेज रहती है।

ओवरस्पीड वाहन सड़क पर चलने वाले राहगीरों टक्कर मार जाते हैं। वाहनों के भाग जाने वजह से भी लोग पुलिस में उनके खिलाफ मामला दर्ज नहीं कराते हैं। सुबह और शाम के समय कई बुजुर्ग सैर करने निकलते हैं। बुजुर्गों को भी ओवरस्पीड वाहनों से खतरा बना रहता है।
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कई स्थानों पर सड़क किनारे वाहन बेतरतीब खड़े रहते हैं। इस वजह से मार्ग संकरा हो जाता है जिस कारण पैदल चलने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पुलिस यातायात नियमों के उल्लंघन पर वाहनों का चालान भी करती है लेकिन वाहन चालक ओवर स्पीड से बाज नहीं आते हैं।

यातायात नियमों के उल्लंघन पर एक साल में किए 25 चालान
अल्मोड़ा। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस ने एक साल में 25 वाहनों के चालान किए हैं। पुलिस नियमों के उल्लंघन पर चालक का दो हजार रुपये का चालान काटती है और डीएल निरस्तीकरण की कार्रवाई करती है। इसके बाद भी ओवर स्पीड वाहन चालक मान नहीं रहे हैं।

एक साल में सड़क दुर्घटना में 30 लोग गंवा चुके जान
जिले में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। 30 अगस्त 2021 के बाद हुई सड़क दुर्घटनाओं में 30 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 27 पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। 86 लोग घायल हो गए थे। सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में से ओवर स्पीड भी एक कारण माना जा रहा है।

अब तक हुई कुछ प्रमुख सड़क दुर्घटनाएं
09 अगस्त 2021- डभरा-क्वैराला मोटर मार्ग पर कार दुर्घटना हुई जिसमें एक पुरुष की मौत हो गई थी जबकि तीन घायल हो गए थे।
22 अगस्त 2021- चिमटाखाल-भौंनखाल मोटर मार्ग पर हुई दुर्घटना में चार लोग घायल हो गए थे।
27 अगस्त 2021- बसौली-ताकुला मार्ग पर हुई बस दुर्घटना में आठ यात्री घायल हो गए थे।
01 अक्तूबर 2021- तड़कोट-काफलीखान मोटर मार्ग पर हुई कार दुर्घटना में एक की मौत हुई दो घायल हुए।
25 जून 2022- भुजान-चापड़ मोटर मार्ग पर हुई डंपर दुर्घटना में एक की मौत हो गई थी, दो घायल हुए थे।
20 जून 2022- बिलखेत-रानीखेत मोटर मार्ग पर कार दुर्घटना हुई जिसमें पांच यात्री घायल हो गए थे।
16 अगस्त 2022- जालली-द्वाराहाट मोटर मार्ग पर हुई दुर्घटना में दो यात्री घायल हो गए थे।
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अल्मोड़ा में सर्वाधिक 28 डेंजर जोन
जिले में कुल 57 डेंजर जोन है। अल्मोड़ा में सर्वाधिक 28 डेंजर जोन हैं। लमगड़ा में तीन, द्वाराहाट में दो, भतरौंजखान में तीन, सोमेश्वर तहसील में क्षेत्र में नौ, सल्ट में दो, अल्मोड़ा में सर्वाधिक 28 डेंजर जोन है। लोनिवि निर्माण खंड द्वितीय में सात, राष्ट्रीय राजमार्गों में तीन समेत जिले में कुल 57 डेंजर जोन हैं।

क्या कहते हैं पांडेखोला के लोग
सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों को हटाया जाना चाहिए। गति नियंत्रण के लिए सड़कों पर कई जगह स्पीड ब्रेकर बनाने चाहिए। इससे पैदल चलने वाले लोगों को भी आवाजाही में सुविधा मिलेगी। सड़क में यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए। - हरीश चंद्र पांडे, पांडेखोला, अल्मोड़ा।

पांडेखोला पेट्रोल पंप की वजह से काफी संख्या में लोग तेल भराने आते हैं। कई बार लोग बेतरतीब वाहन खड़े कर अन्यत्र चले जाते हैं। मोटर मैकेनिक भी रिपेयरिंग के लिए आए वाहनों को सड़क पर खड़ा कर देते हैं। इससे भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क का चौड़ीकरण होना चाहिए। - लक्ष्मण सिंह रावत, पांडेखोला, अल्मोड़ा।

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ओवरस्पीडिंग के मामलों में हमारी पुलिस फोर्स और ट्रैफिक पुलिस दोनों लगातार कार्रवाई करती रहती है। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन न करने के लिए पुलिस की ओर से जागरूकता अभियान भी चलाए जाते रहते हैं। - प्रदीप कुमार राय, एसएसपी, अल्मोड़ा।
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