स्वामी रामदेव ने कहा कि संन्यास मर्यादा, वेद, गुरु और शास्त्र की मर्यादा में रहते हुए नव संन्यासी बड़े संकल्प के लिए प्रतिबद्ध हो रहे हैं। ब्रह्मचर्य से सीधे संन्यास में प्रवेश करना सबसे बरी वीरता है। संन्यासियों के रूप में अपने ऋषियों के उत्तराधिकारियों को भारतीय संस्कृति और परंपरा के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर रहे हैं। कहा कि संन्यासी होना जीवन का सबसे बड़ा गौरव है। सभी 100 संन्यासी ऋषि परंपरा का निर्वहन करते हुए मातृभूमि, ईश्वरीय सत्ता, ऋषिसत्ता और अध्यात्म सत्ता में जीवन व्यतीत करेंगे। उन्होंने कहा कि नारायणी सेना तैयार की है, जो पूरे विश्व में संन्यास धर्म, सनातन धर्म व युगधर्म की ध्वजवाहक होगी। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि सभी एषणाओं, अविवेकपूर्ण कामनाओं एवं विषय वासनाओं और भोगों से मुक्त रहकर संन्यासी होना सबसे बड़ा उत्तरदायित्व है। एक संन्यासी के लिए गुरुनिष्ठा, कर्तव्यनिष्ठा एवं ध्येयनिष्ठा में निरन्तरता बनाए रखना ही जीवन का प्रयोजन होना चाहिए।
मंत्रों के साथ 108 बार गंगा जल से अभिषेक कर किया पवित्र
हरिद्वार। वीआईपी घाट पर संन्यास दीक्षा पूरी होने के साथ विगत 9 दिनों से पतंजलि संन्यास आश्रम में अनवरत चल रहा तप एवं पुरुषार्थपूर्ण अनुष्ठान बृहस्पतिवार को पूर्ण हो गया। संन्यास दीक्षा देने के बाद स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण ने नव संन्यासियों का नमन किया। इससे पहले वेद मंत्रों के बीच देवताओं, ऋषिगणों, सूर्य, अग्नि आदि को साक्षी मानकर संन्यासियों का मुंडन संस्कार किया गया। संन्यासियों को शोभा यात्रा के साथ वीआईपी घाट लेकर आया गया। स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। गंगा की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए संन्यासियों का मुंडन ऋषिग्राम में ही किया गया। सांकेतिक रूप से संन्यास दीक्षुओं ने शिखासूत्र और यज्ञोपवीत पतित पावनी मां गंगा के पावन जल में विसर्जित की। ऋषि-ऋषिकाओं ने गंगा में स्नान कर श्वेत वस्त्र त्यागकर भगवा वस्त्र धारण किए। स्वामी रामदेव एवं अन्य संतों ने 100 संन्यास दीक्षुओं को सिर पर पुरुषसुक्त के मंत्रों से 108 बार गंगा जल से अभिषेक कर पवित्र संन्यास संकल्प दिलाया।
ब्रह्मांड के कल्याण के होता है संन्यासी का जीवन
गृहमंत्री ने कहा कि संन्यासी का जीवन किसी एक समाज अथवा देश के लिए नहीं समस्त ब्रह्माण के कल्याण के लिए होता है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए संन्यासी अपना जीवन यापन कर सभी का कल्याण करें।
300 करोड़ की लागत से निर्मित प्रशासनिक ब्लॉक का लोकार्पण
अमित शाह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पतंजलि योगपीठ में पतंजलि विश्वविद्यालय के 300 करोड़ की लागत से निर्मित प्रशासनिक ब्लॉक का लोकार्पण किया।
पीएम मोदी की पहल पर योग को वैश्विक मंच मिला
गृहमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नौ वर्षों से पूरे विश्व में भारत, भारतीयता और भारत के ज्ञान को ब्रांड एम्बेसडर बनकर सम्मान दिलाने का काम कर रहे हैं। कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के सामने 27 दिसंबर, 2014 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। कहा था कि हमारे पुरखों ने ऐसा ज्ञान अर्जित किया है जो किसी भी दवाई के बिना मनुष्य के शरीर को निरोगी रख सकता है। कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्ताव को पूरी दुनिया ने स्वीकारा और आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरी दुनिया में मनाया जाता है। हमारे ऋषि-मुनियों ने जो ज्ञान अर्जित किया वो केवल हमारे लिए नहीं है बल्कि पूरे ब्रह्मांड के कल्याण के लिए है।