रेंजर शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि आरोपी के कब्जे से मौके से 61 नग हत्था जोड़ी (मॉनिटर लिजर्ड का अंग) बरामद हुए। फिर उसकी निशानदेही पर 224 अंग झुग्गी झोपड़ी से बरामद किए गए। पड़ताल में पता चला कि आरोपी अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करों के साथ सम्मिलित रहा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार वन प्रभाग गहन सर्च अभियान चला रहा है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
डीएफओ बोले- अंगों की पूजा पाठ में उपयोग की सलाह पर दें सूचना
प्रभागीय वनाधिकारी वैभव सिंह ने आमजन से अपील की कि वन्यजीवों व उनके अंगों की तस्करी वन अपराध की श्रेणी में आता है। कुछ व्यक्ति आमजन को गुमराह कर वन्य जीव के अंगों का पूजा-पाठ आदि में उपयोग करने की सलाह देते हैं। ये भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 यथासंशोधित 2023 के तहत दंडनीय अपराध है। अगर कोई व्यक्ति इस अवैध गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है तो उसकी सूचना वन विभाग या निकट वन चौकी को दी जाए।