वर्ष 1982 में टिहरी बांध परियोजना के अंतर्गत टिहरी से लगभग 440 परिवारों को विस्थापित कर पथरी में बसाया गया था। जहां-जहां बसाए गए हैं, विस्थापित लोग परेशान हो रहे हैं।
-उम्मेद सिंह रावत
सरकार ने विस्थापित लोगों को सभी सुविधाएं मुहैया कराने का आश्वासन दिया था। उन्हें 42 वर्ष बाद भी भूमिधरी का अधिकार नहीं दिया गया है। जिससे विस्थापित लोग परेशान हैं।
-शूरवीर सिंह खरौला
भूमिधरी का अधिकार नहीं मिलने से विस्थापित लोगोें को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। जिससे विस्थापित लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
-युद्धवीर सिंह रावत, उप प्रधान, प्रतिनिधि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को विस्थापितों को भूमिधरी का अधिकार दिलाना चाहिए। जिससे उनको जरूरी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
- सुनीता रावत, ग्राम प्रधान, टिहरी विकास नगर
पहले भी विधानसभा सत्र में विस्थापित लोगों को भूमिधरी का अधिकार देने की मांग उठा चुकी हूं। अब फिर से शीतकालीन सत्र में इस मांग को उठाया जाएगा। सरकार की उदासीनता के चलते विस्थापितों की समस्या का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
-अनुपमा रावत, विधायक, हरिद्वार ग्रामीण