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हरिद्वार: फर्जी प्रमाणपत्र से मेडिकल कॉलेज में दाखिले का मामला, एसआईटी ने कब्जे में लिए छात्रा के दस्तावेज

Tue, 22 Sep 2026 02:24 PM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे एमबीबीएस में दाखिले के मामले की जांच अब आगे बढ़ रही है। एसआईटी ने कॉलेज पहुंचकर अहम दस्तावेज जुटाए और कर्मचारियों से पूछताछ कर जांच की।
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फर्जीवाड़ा (प्रतीकात्मक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच करते हुए एसआईटी सोमवार को हरिद्वार मेडिकल कॉलेज पहुंची। यहां से एसआईटी ने आरोपी छात्रा के सभी दस्तावेज को कब्जे में ले लिए। इसके अलावा वहां कुछ कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई है। इससे पहले एसआईटी कई पटवारियों और अन्य कर्मचारियों से देहरादून में भी पूछताछ कर चुकी है।

पिछले दिनों मेडिकल विवि में फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए एमबीबीएस में दाखिलों का मामला सामने आया था। पता चला कि चार छात्राओं ने स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर के उत्तराधिकारी होने का फर्जी प्रमाणपत्र जमा किया और दाखिला पाने में सफल हो गईं। इसके बाद जब दस्तावेज की जांच हुई तो सभी ये प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए।

प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही

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इसके बाद चारों छात्राओं के खिलाफ क्लेमेंटटाउन और रायपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गईं। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर एसपी देहात जया बलूनी की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन कर जांच शुरू कर दी गई। एसआईटी ने शनिवार को एसडीएम सदर कार्यालय में पटवारियों से पूछताछ की थी।

इसी क्रम में एसआईटी ने हरिद्वार मेडिकल कॉलेज पहुंचकर पड़ताल की थी। इसी क्रम में छात्रा के दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए गए। दस्तावेजों की एसआईटी जांच कराएगी। बता दें कि जांच अब केवल स्वतंत्रता सेनानी के उत्तराधिकारी के फर्जी प्रमाणपत्र तक ही सीमित नहीं है। बल्कि इसमें अब सभी तरह के प्रमाणपत्रों की जांच भी की जा रही है।

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इस मामले में प्रशासन की संयुक्त जांच समिति भी जांच कर रही है। वर्तमान में ईडब्ल्यूएस और स्थायी निवास प्रमाणपत्र भी जांच के दायरे में आ गए हैं। पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री को 370 स्थायी निवास प्रमाणपत्रों की सूची सौंपी गई थी। बताया गया था कि बहुत से लोगों ने अपने बच्चों के प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कई तरह के षडयंत्र रचे हैं।

 

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