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हरिद्वार: अखाड़ा परिषद ने गुरु-शिष्य के वाद-विवाद का कराया पटाक्षेप, संत आनंद गिरि ने महंत नरेंद्र गिरि से मांगी माफी

Wed, 26 May 2021 07:07 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

अखाड़ों के नियम और कानून बहुत सख्त होते हैं। इनका उल्लंघन करने वालों को अखाड़ों से तुरंत बाहर कर दिया जाता है। संन्यास परंपरा का उल्लंघन करने के आरोप में ही संत आंनद गिरी को अखाड़े की कार्यकारिणी से बाहर कर दिया गया था।
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संत आनंद गिरी और श्रीमहंत नरेंद्र गिरी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने अपने शिष्य संत आनंद गिरि को माफ कर दिया है। संत आनंद गिरि ने गुरु पूर्णिमा पर प्रयागराज में श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के पैर पकड़कर माफी मांगी है। गुरु-शिष्य के वाद-विवाद का पटाक्षेप कराए जाने पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी और पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी की अहम भूमिका रही है। 

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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने बीते दिनों अपने शिष्य आनंद गिरि पर संन्यास परंपरा का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए प्रयागराज स्थित बाघम्बरी पीठ लेटे हनुमान मंदिर की गद्दी से हटा दिया था। आनंद गिरि श्री निरंजनी अखाड़ा से भी जुड़े थे। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के पत्र के बाद श्री निरंजनी अखाड़ा के पंच परमेश्वरों ने संत आनंद गिरि के अपने परिवार के साथ संबंध होने की जांच की। आरोपों की पुष्टि होने पर संत आनंद गिरि को 14 मई को अखाड़ा से बाहर कर दिया था। ठीक इस बीच संत आनंद गिरि का श्यामपुर कांगड़ी में निर्माणाधीन भवन भी प्राधिकरण ने सील किया। 
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प्रयागराज की गद्दी से हटाने और अखाड़ा से निकाले जाने के बाद संत आनंद गिरि ने श्रीमहंत नरेंद्र गिरि और अखाड़ा पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने आरोपों का खंडन करते हुए संत आनंद गिरि पर भी गद्दी के चढ़ावे से अपने निजी हित साधने के आरोप लगाए थे। आरोप प्रत्यारोप संत नगरी में काफी चर्चाओं में रहा। इस बीच अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी एवं श्री निरंजनी के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने संत आनंद गिरि को काफी समझाया। 
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जानकारी के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा पर संत आनंद गिरि प्रयागराज पहुंचे और श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के पैर पकड़कर माफी मांगी। सभी आरोपों को वापस लेते हुए शिष्य बने रहने की आशीर्वाद मांगा। संत आनंद गिरि ने निरंजनी अखाड़े के पंच परमेश्वर से भी माफी मांगी। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने भी संत आनंद गिरि को माफ करते हुए आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि वो उनके शिष्य बने रहेंगे और श्री मठ बाघम्बरी गद्दी और बड़े हनुमान मंदिर में आकर पूजा कर सकते हैं। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने आनंद गिरि के माफी मांगने और आनंद गिरि को माफ करने का बुधवार को वीडियो जारी किया है।

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