मासूम बच्चों की मौत के मामले में नमूने एकत्र करने के लिए फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) देहरादून की टीम सोमवार सुबह 11 बजे हरिद्वार पहुंची और घटनास्थल पर दो घंटे तक छानबीन की। टीम ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए। वहीं, रविवार रात हरिद्वार की एफएसएल टीम ने भी साक्ष्य जुटाए थे।
रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव सलेमपुर महदूद में कार में दो चचेरे मासूम भाइयों के शव मिलने की सूचना मिलने के बाद सीओ लाइन पूर्णिमा गर्ग और कोतवाल कुंदन सिंह राणा 16 घंटे तक घटनास्थल पर डटे रहे। सीओ पूर्णिमा गर्ग ने बताया कि सूचना मिलने के बाद वह खुद मौके पर पहुंचीं। इस बीच रानीपुर कोतवाली कुंदन सिंह राणा भी मौके पर आ गए थे।
इसके बाद स्थानीय एफएसएल की टीम को बुलाया गया। टीम ने डेढ़ घंटे तक यहां से नमूने एकत्र किए और शवों को कार से निकाला गया। वहीं, सोमवार सुबह देहरादून से पहुंची एफएलएल की टीम ने भी नमूने एकत्र किए। टीम को कार के शीशों पर अंदर की तरफ से निशान भी मिले हैं। इसके साथ ही उनके साथ खेलने वाले अन्य बच्चों से भी पूछताछ की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब उन्होंने कार की खिड़की खुलवाने के बाद अंदर की तरफ देखा तो कार के सभी शीशे पूरी तरह लॉक थे।