अगले दिन महिला की शिकायत पर पुलिस ने महक सिंह उर्फ सोनू, राजीव उर्फ विक्की तोमर, सुबोध कुमार, सोनू तेजियान और जगदीश के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बच्ची का रुड़की के सरकारी अस्पताल में उपचार कराया गया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने सभी दोषियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने पांचों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
पीड़िता को मिलेगी आर्थिक सहायता
विशेष अदालत ने जुर्माने की राशि में से महक सिंह उर्फ सोनू पर लगाए गए जुर्माने का 50 प्रतिशत तथा अन्य चार दोषियों के जुर्माने में से 75-75 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा मानसिक, सामाजिक और शारीरिक क्षति के लिए पीड़िता को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।