प्रदेश की पूर्व राज्यपाल के रिश्तेदार उत्तर प्रदेश से पितृ अमावस्या पर गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आ रहे थे। उनकी गाड़ी पर फाइनेंस का बकाया होने के चलते ज्वालापुर में फाइनेंस कंपनी के एजेंट और उनकी टीम ने नंबर देखते ही गाड़ी रोक ली।
उत्तराखंड की एक पूर्व राज्यपाल के रिश्तेदारों की गाड़ी हरिद्वार में फाइनेंसरों ने पकड़ ली। आरोप है कि फाइनेंसर के आदमी गाड़ी खींच कर अपने साथ ले गए और विरोध करने पर पूर्व गवर्नर के रिश्तेदारों से बदतमीजी भी की। फोन घनघनाने से देहरादून से हरिद्वार तक हड़कंप मच गया। पुलिस दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर हल निकालने में जुटी रही।
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उनकी गाड़ी पर फाइनेंस का बकाया
प्रदेश की एक पूर्व राज्यपाल के रिश्तेदार उत्तर प्रदेश से पितृ अमावस्या पर गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आ रहे थे। उनकी गाड़ी पर फाइनेंस का बकाया होने के चलते ज्वालापुर में फाइनेंस कंपनी के एजेंट और उनकी टीम ने नंबर देखते ही गाड़ी रोक ली।
देहरादून से फोन घनघनाने पर पुलिस में हड़कंप मच गया
आरोप है कि परिवार ने उन्हें गाड़ी छोड़ने को कहा और फाइनेंसर के आदमियों ने उनसे बदतमीजी कर डाली। जिसके बाद मामला पूर्व गर्वनर तक पहुंच गया। देहरादून से फोन घनघनाने पर पुलिस में हड़कंप मच गया। ज्वालापुर कोतवाली की पुलिस ने फाइनेंसर टीम को भी बुलवा लिया।
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फाइनेंसर गाड़ी छोड़ने पर राजी
कोतवाली प्रभारी चंद्र चंद्राकर नैथानी दोनों पक्षों से बातचीत में जुटे रहे। बताया जा रहा है कि मामला हाईप्रोफाइल होने के चलते फाइनेंसर गाड़ी छोड़ने पर राजी हो गए हैं।