सागर चौहान, निशांत वर्मा निवासी सैनिक कॉलोनी चाव मंडी रुड़की, वाजिद गढ़मीरपुर रानीपुर, रजत सती गांव सोता चमोली, निशु शर्मा उर्फ बिजली निवासी रामगढ़ हरिद्वार, शुभम पंवार बहादरपुर सेलाकुई देहरादून, निपुल उर्फ छोटा बहादरपुर जट मंगलौर, बिट्टू निवासी फटोली जरोला दोमदरपुर देवबंद।
ये बंदी पकड़े गए
फरार बंदियों की तलाश में जिलेभर में नाकेबंदी कर कांबिग और चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस टीमों को उनके घरों पर भेजा गया। कई घंटे के प्रयासों के बाद पुलिस चार बंदियों पकड़ने में कामयाब रही। सागर चौहान और निशांत को कलियर से कलियर थाना पुलिस ने पकड़ा। रजत को रुड़की पुलिस ने मेहवड़ से दबोचा लिया। वाजिद को रानीपुर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया।
ऐसी बनाई थी योजना
कलीम गैंग के शुभम, रजत और निशु के आने के बाद से ही भागने की योजना पर काम शुरू हो गया था। रविवार रात में सागर चौहान और निशांत के अस्थायी जेल में आने के बाद उनके हौसले बढ़ गए थे। पूरा मौका मुआयना करने के बाद ये बंदी मंगलवार सुबह जेल की गिनती में शामिल हुए ताकि किसी को शक ना हो। इसके बाद पहली मंजिल की बैरक में बने दरवाजे को तोड़कर बराबर की छत पर उतर गए और नीचे आकर करीब छह फुट की दीवार फांदकर भाग निकले।
अस्थायी जेल से फरार पांचों आरोपी अल्मोड़ा जेल में बंद बदमाश कलीम और पौड़ी जेल में बंद नरेंद्र वाल्मीकि गैंग से जुड़े हैं। ज्वालापुर पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर मोनू त्यागी के आवास पर फायरिंग कर एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में शुभम, रजत, निशु, सागर चौहान और निशांत शर्मा को जेल भेजा था। इनमें से शुभम और निशु उर्फ बिजली अभी फरार हैं।
आरोपी योजनाबद्ध तरीके से फरार हुए हैं। सुरक्षा की दृष्टि के लिए दरवाजे को अच्छी तरह लॉक किया गया था। जेल की सुरक्षा के लिए 13 होमगार्ड और 13 सिपाही अलग-अलग समय में ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। फरार आरोपी में पांच को एक करोड़ की रंगदारी के मामले में हाल ही में ज्वालापुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जबकि तीन अन्य मामलों में जेल में बंद थे।
-जयदेव, अधीक्षक, अस्थायी जेल
फरार बंदियों की तलाश में पुलिस जुटी है। जल्द ही बाकी के चारों बंदियों को भी पकड़ लिा जाएगा। इस बात का पता लगाया जा रहा है कि आरोपी किन परिस्थितियों में फरार हुए।
-कमलेश उपाध्याय, एसपी सिटी हरिद्वार