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हरिद्वार: रोशनाबाद स्थित अस्थाई जेल से आठ कैदी फरार, दिनभर कांबिंग के बाद चार कैदियों को पुलिस ने पकड़ा

Tue, 22 Sep 2020 05:10 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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police, uttarakhand police - फोटो : amar ujala
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कोविड-19 के चलते जिला मुख्यालय रोशनाबाद स्थित भिक्षुक गृह में बनाई गई अस्थायी जेल का दरवाजा तोड़कर मंगलवार सुबह आठ बंदी फरार हो गए। एक घंटे बाद पुलिस महकमे को इसका पता चला तो हड़कंप मच गया। आनन फानन में पूरे जिले की पुलिस को अलर्ट कर बंदियों के भागने की सूचना दी गई। दिनभर कांबिंग के बाद पुलिस ने चार बंदियों को पकड़ लिया जबकि चार का देर शाम तक पता नहीं चल सका था। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। वहीं, मामले में डीएम सी रविशंकर ने पुलिस और जेल प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा है कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

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कोरोना संक्रमण फैलने के बाद से ही विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार करने और कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपियों को सीधे स्थायी जेल नहीं भेजा जा रहा है। रोशनाबाद स्थित भिक्षुक गृह में अस्थायी जेल बनाई गई है। आरोपियों को यहीं सात से दस के लिए क्वारंटीन किया जाता है। कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही उन्हें स्थायी जेल में शिफ्ट किया जाता है। इन दिनों यहां कई लोगों को रखा गया है।

मंगलवार सुबह अस्थायी जेल में 13 होमगार्ड और पीआरडी के सात जवान तैनात थे। जानकारी के अनुसार, सुबह मौका पाकर आठ आरोपियों ने पहले बैरक के अंदर बने दरवाजे को तोड़ा। फिर दूसरी छत से उतरकर परिसर में बनी छह फुट की दीवार फांदकर फरार हो गए। जेल में तैनात जवानों को भनक तक नहीं लगी। करीब एक घंटे बाद बाद अन्य बंदियों ने इसकी जानकारी दी।
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सूचना मिलते ही एसपी क्राइम आयुष अग्रवाल, एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, सीओ सिटी पूर्णिमा गर्ग ने मौके पहुंचे और जानकारी जुटाई। पता चला कि आठ बंदियों में पांच वे भी शामिल हैं, जो हाल ही में ज्वालापुर में प्रॉपर्टी डीलर मोनू त्यागी के आवास पर फायरिंग और एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में पकड़े गए थे। तुरंत इसकी सूचना जिलेभर की पुलिस को दी गई और जगह-जगह चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। देर शाम तक पुलिस ने इमें से चार बंदियों को रुड़की, कलियर और रानीपुर से गिरफ्तार कर लिया। बाकी की तलाश जारी है। 

ये आठ बंदी हुए थे फरार

सागर चौहान, निशांत वर्मा निवासी सैनिक कॉलोनी चाव मंडी रुड़की, वाजिद गढ़मीरपुर रानीपुर, रजत सती गांव सोता चमोली, निशु शर्मा उर्फ बिजली निवासी रामगढ़ हरिद्वार, शुभम पंवार बहादरपुर सेलाकुई देहरादून, निपुल उर्फ छोटा बहादरपुर जट मंगलौर, बिट्टू निवासी फटोली जरोला दोमदरपुर देवबंद।

ये बंदी पकड़े गए
फरार बंदियों की तलाश में जिलेभर में नाकेबंदी कर कांबिग और चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस टीमों को उनके घरों पर भेजा गया। कई घंटे के प्रयासों के बाद पुलिस चार बंदियों पकड़ने में कामयाब रही। सागर चौहान और निशांत को कलियर से कलियर थाना पुलिस ने पकड़ा। रजत को रुड़की पुलिस ने मेहवड़ से दबोचा लिया। वाजिद को रानीपुर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया।  

ऐसी बनाई थी योजना 
कलीम गैंग के शुभम, रजत और निशु के आने के बाद से ही भागने की योजना पर काम शुरू हो गया था। रविवार रात में सागर चौहान और निशांत के अस्थायी जेल में आने के बाद उनके हौसले बढ़ गए थे। पूरा मौका मुआयना करने के बाद ये बंदी मंगलवार सुबह जेल की गिनती में शामिल हुए ताकि किसी को शक ना हो। इसके बाद पहली मंजिल की बैरक में बने दरवाजे को तोड़कर बराबर की छत पर उतर गए और नीचे आकर करीब छह फुट की दीवार फांदकर भाग निकले।
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कलीम और नरेंद्र वाल्मीकि गैंग के पांच सदस्य

अस्थायी जेल से फरार पांचों आरोपी अल्मोड़ा जेल में बंद बदमाश कलीम और पौड़ी जेल में बंद नरेंद्र वाल्मीकि गैंग से जुड़े हैं। ज्वालापुर पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर मोनू त्यागी के आवास पर फायरिंग कर एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में शुभम, रजत, निशु, सागर चौहान और निशांत शर्मा को जेल भेजा था। इनमें से शुभम और निशु उर्फ बिजली अभी फरार हैं। 

आरोपी योजनाबद्ध तरीके से फरार हुए हैं। सुरक्षा की दृष्टि के लिए दरवाजे को अच्छी तरह लॉक किया गया था। जेल की सुरक्षा के लिए 13 होमगार्ड और 13 सिपाही अलग-अलग समय में ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। फरार आरोपी में पांच को एक करोड़ की रंगदारी के मामले में हाल ही में ज्वालापुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जबकि तीन अन्य मामलों में जेल में बंद थे।
-जयदेव, अधीक्षक, अस्थायी जेल 

फरार बंदियों की तलाश में पुलिस जुटी है। जल्द ही बाकी के चारों बंदियों को भी पकड़ लिा जाएगा। इस बात का पता लगाया जा रहा है कि आरोपी किन परिस्थितियों में फरार हुए।
-कमलेश उपाध्याय, एसपी सिटी हरिद्वार
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