हरिद्वार जिले में राजकीय विद्यालय अंगीकरण योजना के तहत पहले चरण में 929 सरकारी स्कूलों को कारपोरेट समूह गोद लेंगे। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को अपने आवास पर इस कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। इस अवसर हरिद्वार के मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. आनंद भारद्वाज और रिलेक्सो फाउंडेशन के गंभीर अग्रवाल के बीच जिले के 32 स्कूलों की अवस्थापना सुविधाएं एवं बदलाव के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकारी स्कूलों के अंगीकरण कार्यक्रम से स्कूलों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। हरिद्वार से शुरू हो रहा यह अभियान सबको गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में मददगार होगा।
जिलाधिकारी हरिद्वार सी रविशंकर ने कहा कि कार्यक्रम के पहल चरण में जिले के 939 सरकारी स्कूलों को विभिन्न कॉर्पोरेट समूहों द्वारा अपनाया जाना है। इनमें 666 प्राथमिक, 170 उच्च प्राथमिक, 68 माध्यमिक और 35 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूलों के रूप में बदलने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सीएसआर के तहत कॉरपोरेट समूहों को शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर अपर सचिव नीरज खेरवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार डॉ. आनंद भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एचपी विश्वकर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक वीएस चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे।
आकांक्षी जिलों में शामिल है हरिद्वार
नीति आयोग ने हरिद्वार को आकांक्षी जिला घोषित किया गया है। प्रमुख संकेतकों द्वारा लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए जिला प्रशासन हरिद्वार द्वारा स्कूलों में शिक्षा और बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नई पहल शुरू की गई है। इस पहल से शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में की परफारमेंस इंडीकेटर (केपीआई) यानी प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में लक्ष्यों को प्राप्त करने एवं इसके लिए उठाए जा रहे कदमों पर ध्यान दिया जाएगा।