हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) कुंभ से पहले धर्मनगरी को वॉल पेंटिंग से अध्यात्मिक रंग में रंगने में जुटे हैं। एचआरडीए की वॉल पेंटिंग कार्य के भुगतान की निर्धारित दर एनएचएआई से पांच गुना अधिक है। जबकि सभी कार्यदायी कंपनी और संस्थाएं एक ही तकनीक व ब्रांड के रंगों का प्रयोग कर रहे हैं।
महाकुंभ 2021 के लिए हरिद्वार तैयार हो रहा है। इसलिए कैनवास पर रंग भरे जा रहे हैं। शहर की दीवारों और सार्वजनिक भवनों को सजाने का काम एचआरडीए रहा है। वहीं एनएचएआई फ्लाईओवर और पुलों पर पौराणिक और अध्यात्मिक घटनाओं के चित्र उकेर रहा है। एचआरडीए ने वॉल पेंटिंग के लिए सात कंपनियों के साथ अनुबंध किया है।
एचआरडीए सभी कंपनियों को वॉल पेंटिंग के लिए 120 रुपये स्क्वायर फीट के हिसाब से भुगतान कर रहा है। जबकि एनएचएआई की कार्यदायी संस्था सैम इंडिया केवल 25 रुपये स्क्वायर फीट की दर से काम कर रही है। हाईवे और शहर की दीवारों पर वॉल पेंटिंग एक ही ब्रांड के रंग प्रयोग हो रहा है। जबकि सभी जगह कलाकारों को निर्धारित मजदूरी दी जा रही है। ऐसे में वॉल पेंटिंग की निर्धारित दरों में जमीन आसमान के अंतर को लेकर अनुबंध पर सवाल उठ रहे हैं। संवाद
मानकों का भी हो रहा उल्लंघन
कार्यदायी संस्थाओं से साथ हुए अनुबंध के मुताबिक वॉल पेंटिंग से पहले प्रेशर वाटर पंप से दीवारों की धुलाई, लोहे के ब्रश से दीवारों की सफाई, उखड़ी प्लास्टर को भरने के पुट्टी का प्रयोग, दीवारों पर पहले प्राइमर का कोट, इसके बाद स्केच और फिर पेंटिंग की जानी है। कई स्थानों पर इन मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।
प्रयागराज में वॉल पेंटिंग का कार्य करने वाली अनुभवी कंपनियों के साथ अनुबंध किया गया है। तय दर प्रयागराज में वॉल पेंटिंग के कार्यों के लिए हुए भुगतान की दर से बेहद कम है। पेंटिंग का काम प्रोफेशनल पेंटर कर रहे हैं। केवल दीवारों को रंगने भर की बात नहीं, कार्यों की गुणवत्ता भी बेहद जरूरी है। इसका अंदाजा वॉल पेंटिंग को देख कर लगाया जा सकता है।
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दीपक रावत , मेलाधिकारी
द नेचर फाउंडेशन सोसायटी के साथ 25 रुपये स्क्वायर फीट की दर से एक लाख स्क्वायर मीटर क्षेत्र की वॉल पेंटिंग के लिए अनुबंध किया गया है। कंपनी को पेंटिंग के लिए ब्रांडेड पेंट उपलब्ध कराया जा रहा है। पेंट की धनराशि भुगतान की निर्धारित दर से काटी जा रही है।
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अजय कुमार, परियोजना प्रबंधक, सैम इंडिया
मानकों के अनुसार वॉल पेंटिंग का काम किया जा रहा है। इसके लिए 25 रुपये स्क्वायर मीटर से भुगतान प्राप्त हो रहा है। इसमें निर्माण सामग्री और लेबर चार्ज दोनों ही शामिल है। संस्था को निर्धारित भुगतान की दर से पर्याप्त मुनाफा प्राप्त हो रहा है।
- किरण भटनागर, अध्यक्ष, द नेचर फाउंडेशन सोसायटी