हरिद्वार के भीतर महाकुंभ क्षेत्र में मायापुरी स्केप चैनल में 1.05 किमी लंबाई का एक एलीवेटेड संरचना एवं बड़े पुल का निर्माण किया जाना है। इसकी लागत करीब 45 करोड़ है। इस कार्य की भौतिक प्रगति फिलहाल 11.50 प्रतिशत है। इस परियोजना का पूरा करने के लिए एनएचएआई को युद्धस्तर पर काम करना होगा। प्राधिकरण को ये कार्य मई 2020 में पूरा करना है।
रुड़की-छुटमलपुर-गागलहेड़ी एनएच-73 और छुटमलपुर-गणेशपुर एनएच72 के ये कार्य भी कुंभ शुरू होने से पहले पूरे होने जरूरी हैं। एनएच 73 का 30.975 किमी हिस्सा उत्तराखंड में और 22.32 किमी भाग उत्तरप्रदेश में है। ये मार्ग यूपी से रुड़की एवं हरियाणा के यमुनानगर को जोड़ता है। कुंभ में पंजाब, हरियाणा और यूपी से श्रद्धालुओं के आने का ये प्रमुख मार्ग होगा। एनएचएआई ने इस मोटर मार्ग के चौड़ीकरण का 72.89 प्रतिशत कार्य वर्तमान में पूरा कर लिया है। परियोजना के तहत एक अंडरपास, तीन बड़े पुल, एक फ्लाईओवर, एक आरओबी बनाने का कार्य जारी है। इसे भी फरवरी 2020 तक पूरा होना है।
ये कार्य भी पूरे होने आवश्यक
-73 किमी लंबा एनएच-74 हरिद्वार-नगीना एनएच कुंभ से पहले बनना जरूरी। 989.54 करोड़ लागत के इस कार्य की भौतिक प्रगति 6.46 है।
-33 किमी लंबाई के बहादराबाद और बिहारीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकण से हिमाचल, हरियाणा, पंजाब और यूपी से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक मार्ग का कार्य करेगा।