अमर उजाला से बातचीत में चौहान ने कहा कि 2010 की 2021 के कुंभ से कैसे तुलना हो सकती है। तब कोविड नहीं था। आज कोविड 19 महामारी से पूरा विश्व जूझ रहा है। उत्तराखंड भी इससे अछूता नहीं है।
इसलिए कोविड 19 की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर कुंभ का आयोजन होगा। बकौल चौहान, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का इसमें बहुत स्पष्ट दृष्टिकोण है। तमाम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कुंभ में बेहतर से बेहतर इंतजाम किए जाएंगे।
सरकार पर कुंभ को सुरक्षित और उसकी परंपरा व गरिमा के अनुरूप संपन्न कराना है। यह सब सरकार को कोविड काल की असाधारण परिस्थितियों के बीच करना है। इसलिए 2021 के कुंभ की तुलना नहीं की जा सकती है। कोविड की पृष्ठभूमि में यह कुंभ तैयारियों और परिस्थितियों की दृष्टि से अपने आप में अनूठा है।
मन से चाहेंगे तो भव्य और दिव्य होगा कुंभ : नरेंद्र गिरी
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी महाराज का कहना है कि अगर कोरोना बढ़ता है, तो बैठकर निर्णय लिया जाएगा। अभी कोरोना बढ़ नहीं रहा है। हरिद्वार में भी गंगा तट बढ़ा है।
नीलधारा में पूरी की पूरी पट्टी खाली है। 2010 में हम लोग उस पार गए थे। इस बार भी जाने को तैयार हैं। व्यवस्था दीजिए, मेला दिव्य कराइए। हमने मुख्यमंत्री से यह मांग की है कि आप सारे संबंधित अधिकारियों को निर्देश दें। अगर मन से चाहेंगे तो मेला भव्य होगा, दिव्य होगा।